AAP के समय दिल्ली में बने 4.78 लाख फर्जी राशन कार्ड? BJP विधायक ने लगाए गंभीर आरोप!
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 05:05 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी के मोती नगर से विधायक हरीश खुराना ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम आदमी पार्टी की पूर्व सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए फर्जी और संदिग्ध राशन कार्डों का बड़ा मामला उठाया है। खुराना का दावा है कि AAP के शासनकाल में दिल्ली में करीब 4.78 लाख राशन कार्ड संदिग्ध पाए गए, जबकि 16 लाख से ज्यादा लाभार्थी नियमों के खिलाफ राशन लेते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा खेल बिना सही जांच-पड़ताल के किया गया, जिससे गरीबों के हक पर डाका पड़ा।
कैसे बने राशन कार्ड? BJP का गंभीर आरोप
हरीश खुराना के मुताबिक, 2015 से 2024 के बीच AAP सरकार के दौरान 9,22,766 राशन कार्ड आवेदनों को मंजूरी दी गई। लेकिन इनमें से ज्यादातर मामलों में सेल्फ डिक्लेरेशन को ही आधार बना लिया गया और किसी तरह का ठोस सत्यापन नहीं हुआ। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार की जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने सिस्टम की पोल खोल दी है।
जांच में सामने आए चौंकाने वाले खुलासे
BJP विधायक ने बताया कि हालिया सत्यापन अभियान में 2.02 लाख राशन कार्ड ऐसे मिले जिनमें 6,038 मृत लोगों के नाम दर्ज थे। 16,604 डुप्लीकेट राशन कार्ड पाए गए। 1.44 लाख से ज्यादा कार्ड ऐसे लोगों को मिले जिनकी सालाना आय 6 लाख रुपये से अधिक थी। 2.76 लाख कार्ड धारकों को शो-कॉज नोटिस भेजा गया, क्योंकि वे कंपनियों में डायरेक्टर थे। इनमें से केवल 227 लोगों ने जवाब दिया। 1.59 लाख कार्ड धारकों के पास 100 से 500 गज तक की जमीन पाई गई। 77 हजार लाभार्थियों के पास कार या दोपहिया वाहन मौजूद थे।
रोहिंग्या-बांग्लादेशी कनेक्शन पर सवाल
हरीश खुराना ने सवाल उठाया कि पिछले एक दशक में कितने रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को राशन कार्ड जारी किए गए? उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों से सीधा खिलवाड़ है।
BJP का बड़ा ऐलान: व्हाइट पेपर की मांग
BJP विधायक ने घोषणा की कि वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर पिछले 10 वर्षों में बांटे गए राशन और राशन कार्डों को लेकर व्हाइट पेपर जारी करने की मांग करेंगे। खुराना ने AAP पर तंज कसते हुए कहा कि “कुछ नेता लगातार झूठा और भ्रामक नरेटिव फैलाने में लगे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि घोटाले उनकी सरकार के दौरान हुए। हमारी सरकार ने सत्यापन शुरू किया और सच अब सामने आ रहा है।”
मौजूदा सरकार का पक्ष
खुराना ने बताया कि मौजूदा सरकार ने नेशनल फूड सिक्योरिटी रूल्स के तहत DM की अध्यक्षता में कमेटी बनाई है। अब तक 76 हजार लाभार्थियों का सत्यापन हो चुका है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी फूड सप्लाई ऑफिसर (FSO) को हटाया नहीं गया, बावजूद इसके इसके उलट दावे किए जा रहे हैं।
फिलहाल इस मुद्दे पर AAP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन फर्जी राशन कार्डों का यह मामला अब दिल्ली की राजनीति में बड़े टकराव का कारण बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आगे जांच किस दिशा में जाती है और क्या जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है।
