कपिल मिश्रा का 'AAP' पर बड़ा प्रहार: यह राजनीतिक दल नहीं, सिर्फ 4 लोगों का गैंग है

punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 12:51 PM (IST)

नेशनल डेस्क। भारतीय जनता पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए मिश्रा ने आप की साख पर सवाल उठाए और उसे एक राजनीतिक कूड़ाघर करार दिया। यह तीखा पलटवार तब आया जब आप नेता सौरभ भारद्वाज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान पर टिप्पणी की थी। वहीं कपिल मिश्रा ने अपने बयान में बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा आम आदमी पार्टी अब कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह सिर्फ चार लोगों का एक गैंग (गिरोह) है।

AAP अब एक गिरोह बनकर रह गई है

कपिल मिश्रा ने अपने बयान में बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा आम आदमी पार्टी अब कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह सिर्फ चार लोगों का एक गैंग (गिरोह) है जिसे जनता अब गंभीरता से नहीं लेती। मिश्रा ने आरोप लगाया कि 'आप' के नेताओं का एकमात्र काम एक भ्रष्ट व्यक्ति की चापलूसी करना और केजरीवाल के दरबार में हाजिरी लगाना रह गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग सिर्फ चापलूसी की राजनीति करते हैं उनसे प्रधानमंत्री के बयानों की गहराई और गरिमा समझने की उम्मीद करना ही मूर्खता है।

 

 

विवाद की जड़: PM मोदी का कार्यकर्ता अवतार

यह पूरा विवाद भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पदभार ग्रहण समारोह से शुरू हुआ। भाजपा मुख्यालय में पीएम मोदी ने कहा, जब पार्टी के विषयों की बात आती है तो मैं सिर्फ एक कार्यकर्ता हूँ और नितिन नबीन जी मेरे बॉस हैं। इस बयान पर 'आप' नेता सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया था कि क्या भाजपा में अब जमीन से जुड़े और मजबूत व्यक्तित्व वाले नेताओं के लिए कोई जगह बची है? बता दें कि नितिन नबीन ने जे.पी. नड्डा की जगह ली है और वे भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।

भाजपा में नई शुरुआत

नितिन नबीन की ताजपोशी को भाजपा में एक 'पीढ़ीगत बदलाव' के रूप में देखा जा रहा है। नबीन ऐसे समय में कमान संभाल रहे हैं जब भाजपा अपनी राजनीतिक पकड़ और ज्यादा मजबूत करना चाहती है। प्रधानमंत्री का खुद को कार्यकर्ता बताना भाजपा के संगठनात्मक अनुशासन को दर्शाता है जिसे कपिल मिश्रा ने 'पार्टी की संस्कृति' बताया और आप की आलोचना की।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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