48 घंटे में 2 हादसे और 4 की मौत…दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर क्यों हो रहे हादसे? जानें वजह
punjabkesari.in Thursday, Apr 09, 2026 - 06:16 PM (IST)
नेशनल डेस्क: दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे पर लगातार दूसरे दिन बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। इस बार बागपत के डूंडाहेड़ा इलाके के पास दो ट्रकों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
टक्कर इतनी जोरदार कि ट्रक का अगला हिस्सा अलग हुआ
जानकारी के मुताबिक, एक ट्रक गुरुग्राम में ईंट उतारकर बागपत की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह डूंडाहेड़ा के पास पहुंचा, सामने से आ रहे दूसरे ट्रक से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक ट्रक का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
दो लोगों की मौत, एक की हालत गंभीर
इस हादसे में आरिफ (30) और मुनफीद की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि आसिफ, शमशाद और समीम घायल हो गए। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल आसिफ को प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जबकि अन्य दो घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
एक दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले, 8 अप्रैल को भी इसी एक्सप्रेस-वे पर बागपत के मवीकला के पास एक कार डिवाइडर से टकरा गई थी, जिसमें दो इंजीनियर दोस्तों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों ने इस एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभी शुरू भी नहीं हुआ, फिर भी बढ़ रहे हादसे
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का अभी औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है, लेकिन इससे पहले ही यहां दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और यात्रियों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
14 अप्रैल को होगा उद्घाटन
इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाना है। करीब 210 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चालू होने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर 6-7 घंटे से घटकर लगभग 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा।
पर्यावरण को ध्यान में रखकर बना ग्रीन कॉरिडोर
करीब 14,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस एक्सप्रेस-वे को आधुनिक तकनीक के साथ बनाया गया है। सड़क को कई स्थानों पर ऊंचाई पर पिलर्स पर बनाया गया है, ताकि नीचे बहने वाली नदियों और वन्यजीवों को कोई नुकसान न पहुंचे। इसका एक हिस्सा राजाजी टाइगर रिजर्व से भी होकर गुजरता है, जहां पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है।
