सूरत के नामी बिल्डर की मौत: 15 साल का रिश्ता, करोड़ों की संपत्ति और ब्लैकमेलिंग के आरोप

punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 09:53 PM (IST)

नेशनल डेस्कः गुजरात के सूरत शहर में चर्चित बिल्डर तुषार घेलानी की मौत ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। यह मामला उस समय और गंभीर हो गया जब उमरा पुलिस ने उनकी कथित महिला मित्र पूनम भादोरिया को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।

कैसे हुई घटना?

पुलिस के अनुसार, 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की दरमियानी रात तुषार घेलानी ने अपनी लाइसेंसी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 5 फरवरी को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। घटना के बाद परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की गहराई से जांच शुरू हुई।

15 साल पुराना रिश्ता बना विवाद की जड़

मृतक की बेटी के मुताबिक, उनके पिता पिछले करीब 15 वर्षों से पूनम भादोरिया के साथ रिश्ते में थे। शुरुआत में यह रिश्ता सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे यह मानसिक और आर्थिक दबाव में बदल गया। परिवार का आरोप है कि पूनम ने दबाव बनाकर ‘ब्लू पापिलोन’ नाम के प्री-प्राइमरी स्कूल में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली। आरोप है कि उन्होंने बिना किसी दस्तावेजी निवेश के खुद को मैनेजिंग पार्टनर बनवाया।

2018 से 2024 के बीच करीब 1.37 करोड़ रुपये वेतन और अन्य लाभ के रूप में लिए गए। इसके अलावा जॉली आर्केड इलाके में स्थित लगभग 1.06 करोड़ रुपये कीमत की दो दुकानों का ट्रांसफर भी अपने नाम करवाया गया, वह भी बिना किसी बैंकिंग लेनदेन के — ऐसा परिवार का दावा है।

शादी से पहले मिली धमकी?

मृतक की बेटी की शादी 5 फरवरी को तय थी। आरोप है कि 31 जनवरी को आए एक फोन कॉल में पूनम ने शादी में आकर हंगामा करने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी थी। परिवार का यह भी कहना है कि जुलाई 2025 में बेटियां खुद पूनम के घर समझाने गई थीं, लेकिन वहां भी कथित रूप से संपत्ति में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी की मांग की गई और गंभीर धमकियां दी गईं।

पुलिस जांच में क्या सामने आया?

मामले की जांच कर रहे एसीपी ज़ेड.आर. देसाई के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि तुषार घेलानी पर लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जा रहा था। स्कूल और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच में कई संदिग्ध पहलू सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पूनम भादोरिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

महिला मित्र का पलटवार

इस मामले में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया, जब तुषार घेलाणी की मौत के 9 दिन बाद पूनम भादोरिया ने भी पुलिस में आवेदन देकर दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है। उन्होंने मृतक के परिवार पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों, सबूतों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

क्या है पूरा सच?

यह मामला अब सिर्फ एक आत्महत्या का नहीं रह गया है। इसमें रिश्तों में विश्वासघात, करोड़ों की संपत्ति का विवाद, मानसिक दबाव और कथित ब्लैकमेलिंग जैसे कई पहलू जुड़ गए हैं। सच्चाई क्या है, यह जांच पूरी होने और अदालत में तथ्यों के सामने आने के बाद ही साफ हो पाएगा। तब तक यह मामला सूरत ही नहीं, पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना हुआ है।


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Content Writer

Pardeep

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