Pune-Bengaluru Expressway का सफर अब 15 घंटे की जगह केवल 7 घंटे में होगा पूरा, इन शहरों की बदल जाएगी किस्मत
punjabkesari.in Thursday, Apr 16, 2026 - 02:45 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत के दे बड़े आईटी शहर का ट्रेवल अब बेहद आसान और सुगम बनने जा रहा है। दरअसल, पुणे-बेंगलुरु ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को अंतिम मंजूरी मिलने की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है। केंद्र सरकार द्वारा आगामी हफ्तों में परियोजना के मार्ग को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है। यह राजमार्ग भारतमाला परियोजना के तहत नियोजित 25 Greenfield Corridors में शामिल है और अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी प्रक्रिया अब Advanced Stage में है। मंजूरी मिलते ही भूमि अधिग्रहण शुरू हो जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
Project Details- इन शहरों की बदल जाएगी किस्मत
यह एक्सप्रेसवे लगभग 700 KM लंबा होगा और इसमें 6 से 8 लेन होंगी। परियोजना की कुल लागत 45,000 करोड़ रुपए से 50,000 करोड़ रुपए के बीच होने का अनुमान है। यह मार्ग महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा। यह पुणे से शुरू होकर Pune,Satara,Sangli,Belagavi,Vijayanagar,Davanagere,Tumakuru होते हुए कर्नाटक में प्रवेश करेगा और अंत में बेंगलुरु पहुंचेगा।
𝐏𝐮𝐧𝐞-𝐁𝐞𝐧𝐠𝐚𝐥𝐮𝐫𝐮 𝐆𝐫𝐞𝐞𝐧𝐟𝐢𝐞𝐥𝐝 𝐄𝐱𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬𝐰𝐚𝐲 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞.
— Infra News India (INI) (@TheINIofficial) January 3, 2026
Finally, after pending approval since 2023, the proposed greenfield access-controlled Pune-Bengaluru Expressway is expected to be approved by the Union Cabinet in the first quarter of 2026.… pic.twitter.com/ghhl5tylVr
14 घंटे की बजाय लगेंगे केवल 7 घंटे
वर्तमान में, पुणे और बेंगलुरु के बीच सड़क मार्ग से यात्रा करने में भारी यातायात, संकरे रास्तों और कई क्षेत्रों में भीड़भाड़ के कारण लगभग 14 से 15 घंटे लगते हैं। Expressway के पूरा होने के बाद, यात्रा का समय घटकर लगभग 7 घंटे होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों के लिए लंबी दूरी की यात्रा में सुधार होगा और साथ ही परिवहन और रसद की दक्षता में भी वृद्धि होगी।
क्या बदलाव आएंगे?
अधिकारियों का कहना है कि यह एक्सप्रेसवे न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करेगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर उद्योगों, गोदामों, लॉजिस्टिक्स पार्कों और अन्य व्यवसायों को आकर्षित करेगा।
इससे मार्ग के किनारे बसे लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है। एक बार पूरा होने पर, 700-km लंबा, 6 lane वाला, Access-Controlled Greenfield Expressways यात्रा के समय को काफी कम कर देगा, जिससे वाहन चालक पुणे आउटर रिंग रोड से बेंगलुरु के सैटेलाइट टाउन रिंग रोड (STRR) तक लगभग 7 घंटे में पहुंच सकेंगे। तेज़ यात्रा और बेहतर सड़क अवसंरचना के साथ, Pune-Bengaluru Expressway पश्चिमी महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनने की उम्मीद है, जिससे यात्री और commercial दोनों तरह की आवाजाही में सुधार होगा।
