कोरोना के खिलाफ मोदी सरकार का अहम कदम, वैक्‍सीन के आयात पर माफ हो सकती है कस्टम ड्यूटी

2021-04-20T15:33:05.823

नेशनल डेस्क: सरकार विदेश से आने वाली कोरोना वैक्सीन की कीमत को कम रखने के लिए आयातित वैक्सीन पर 10 प्रतिशत सीमा शुल्क को माफ कर सकती है। कोरोना वैक्सीनेशन को 18 साल से ज्यादा उम्र वाले लोगों के लिए खोलने से पहले यह फैसला किया जा सकता है। रूस की स्पुतनिक वी वैक्सीन इस महीने या अगले महीने तक भारत में आने वाली है, जबकि मोडरना और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे विनिर्माताओं ने भारत में आपातकालीन उपयोग की मंजूरी के लिए आवेदन किया है।

 

सरकार इस समय विदेशों से आने वाले टीकों पर 10 प्रतिशत सीमा शुल्क या आयात शुल्क और 16.5 प्रतिशत आई-जीएसटी तथा सामाजिक कल्याण अधिभार लगाती है। इन करों के चलते आयातित टीके सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) और भारत बायोटेक के मुकाबले महंगे हो जाएंगे। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा कि सीमा शुल्क माफ करने पर विचार किया जा रहा है।'' एक अन्य सूत्र ने कहा कि इस बारे में ‘‘बहुत जल्द'' निर्णय होने की संभावना है। सरकार ने इस महीने की शुरुआत में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रकोप को रोकने के लिए आयातित टीकों के आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी थी।

 

सूत्रों ने कहा कि टीकों पर शुल्क में छूट की चर्चा पिछले साल दिसंबर में शुरू हुई, जब फाइजर जैसे विदेशी विनिर्माताओं ने भारत में अपने टीकों की आपूर्ति के लिए आवेदन किया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय और उसकी अप्रत्यक्ष कर संग्रह शाखा ने शुल्क माफी के प्रभाव को लेकर कुछ प्रारंभिक गणना की थी, लेकिन जब तक सरकार आयातित टीकों के उपयोग को मंजूरी नहीं देती, तक तक इस बारे में किसी फैसले को टाल दिया गया। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि इस बारे में अभी कोई प्रस्ताव तैयार नहीं हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 1,761 और लोगों की मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 1,80,530 हो गई।


Content Writer

Seema Sharma

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