जीजा से दिल लगा बैठी पत्नी, फिर हुआ वो जो किसी ने सोचा न था... जानिए क्या है पूरा मामला?

punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 01:25 PM (IST)

Wife Relation with Brother-in-law Allegation : राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अनोखे और विवादित मामले की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता पति को न केवल फटकार लगाई बल्कि उस पर ₹50,000 का भारी हर्जाना भी ठोक दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब पति खुद बच्चे को अपना मानने से इनकार कर रहा है और बच्चा अपनी मां व जैविक पिता के पास सुरक्षित है तो यह अवैध हिरासत (Illegal Detention) का मामला नहीं बनता।

क्या है पूरा विवाद?

अलवर निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में 'बंदी प्रत्यक्षीकरण' (Habeas Corpus) याचिका दायर की थी। पति का दावा था कि उसकी पत्नी मई 2024 से अपने जीजा और बहन के साथ रह रही है। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी के उसके ही जीजा से अवैध संबंध हैं और हाल ही में पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अस्पताल के रिकॉर्ड में बच्चे का जन्म दर्ज है लेकिन पत्नी बच्चे की बात से इनकार कर रही है। उसने बच्चे की जान को खतरा बताते हुए उसे कोर्ट में पेश करने की मांग की थी।

पुलिस की जांच और कोर्ट का रुख

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश महेंद्र गोयल और न्यायाधीश समीर जैन की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता की दलीलें खुद विरोधाभासी हैं। पति ने खुद अधीनस्थ अदालत में कहा था कि वह बच्चे का जैविक पिता नहीं है बल्कि बच्चा उसकी पत्नी के जीजा का है। कोर्ट ने माना कि यदि बच्चा अपनी मां और उसके जैविक पिता (Biological Father) के साथ रह रहा है तो इसे अवैध कब्जा नहीं कहा जा सकता। अदालत ने कहा कि जब याचिकाकर्ता खुद को बच्चे का पिता नहीं मानता तो उसे बच्चे की कस्टडी मांगने या इस तरह की याचिका दायर करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

यह भी पढ़ें: महिलाएं रहें सावधान! भारत में इस वजह से हर 8 मिनट में हो रही एक महिला की मौत, जानें यह Silent Killer क्यों है इतना खतरनाक?

कोर्ट ने क्यों लगाया 50 हजार का जुर्माना?

हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के आचरण और उसके द्वारा पत्नी के चरित्र पर लगाए गए आरोपों को गंभीर माना। अदालत ने कहा कि ऐसी याचिकाओं से न केवल कोर्ट का कीमती समय बर्बाद होता है बल्कि यह कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग भी है। याचिका को सिरे से खारिज करते हुए पति पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया गया है जिसे उसे जमा करना होगा।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Rohini Oberoi

Related News