Gurugram Real Estate: ₹1 करोड़ कमाने वाला कपल गुरुग्राम में नहीं खरीद पा रहा घर... जानें रियल एस्टेट की कड़वी सच्चाई
punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 11:04 AM (IST)
नेशनल डेस्क: गुरुग्राम जैसे हाई-टेक शहर में घर खरीदने का सपना अब एक अमीर तबके के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक व्यक्ति ने अपनी व्यथा साझा की है, जिसमें उन्होंने बताया कि भारी-भरकम कमाई के बावजूद इस शहर में एक अदद मकान ढूंढना कितना मुश्किल हो गया है।
करोड़ों की आमदनी फिर भी घर का सपना अधूरा
आजकल प्रॉपर्टी के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम आदमी तो दूर, मोटी सैलरी पाने वाले लोग भी परेशान हैं। एक कपल ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि वे दोनों मिलकर साल भर में 1 करोड़ रुपये कमाते हैं। वे अपनी इस आय को 1.7 करोड़ तक ले जाने की क्षमता भी रखते हैं, लेकिन इसके बावजूद गुरुग्राम में उन्हें अपनी पसंद का घर नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि 1 करोड़ रुपये का बजट होने पर भी यहां ढंग का मकान मिलना नामुमकिन सा हो गया है।
सुविधाओं की कमी और कीमतों की मार
गुरुग्राम को देश की आईटी राजधानी के रूप में देखा जाता है और यहां बड़ी-बड़ी कंपनियों के दफ्तर हैं। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे की कड़वी सच्चाई कुछ और ही है। खरीदार का कहना है कि यहां की सड़कों की हालत जर्जर है और हल्की बारिश में भी जलभराव जैसी समस्याएं आम हैं। इसके बावजूद यहां जमीन और फ्लैट्स की कीमतें जिस रफ्तार से बढ़ रही हैं, उसने होम बायर्स को सोच में डाल दिया है। खराब निर्माण गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बाद भी यहां के रेट्स कम होने का नाम नहीं ले रहे।
दूसरे शहरों से तुलना और बेहतर विकल्प
रेडिट पर साझा की गई इस पोस्ट के बाद लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। उस व्यक्ति के कई दोस्तों ने नोएडा और पुणे जैसे शहरों में 1 करोड़ से भी कम बजट में शानदार घर खरीद लिए हैं। ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें सलाह दे रहे हैं कि जब गुरुग्राम में रहने की स्थिति और कीमतें इतनी असंतुलित हैं, तो उन्हें नोएडा, बेंगलुरु या पुणे जैसे शहरों का रुख करना चाहिए। नोएडा को घर खरीदने के लिए गुरुग्राम से कहीं बेहतर और किफायती विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
गुरुग्राम के रियल एस्टेट मार्केट की पेचीदगी
सवाल यह उठता है कि आखिर गुरुग्राम में ऐसी क्या बात है जो यहां प्रॉपर्टी इतनी महंगी है। खरीदारों के लिए यह समझना मुश्किल है कि बुनियादी ढांचे की कमियों के बावजूद कीमतों में यह उछाल क्यों है। लोगों का मानना है कि केवल आईटी हब होने के नाम पर भारी निवेश करना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है, खासकर तब जब रहने की गुणवत्ता (क्वालिटी ऑफ लाइफ) उस स्तर की न हो।
