Property Price: नई रिपोर्ट में झटका: मिडिल क्लास नहीं चुका पाएगा बड़े शहरों में 3BHK की कीमत

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 03:14 PM (IST)

नेशनल डेस्क: दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में इन दिनों 'पॉश' कॉलोनियों की बात तो छोड़िए, सामान्य इलाकों में भी प्रॉपर्टी के दाम आम आदमी के पसीने छुड़ा रहे हैं। कोरोना काल के बाद बड़े घरों की चाहत क्या बढ़ी, फ्लैटों की कीमतों ने आसमान छूना शुरू कर दिया। आलम यह है कि जो 3BHK कभी मध्यवर्ग का सपना हुआ करता था, अब वह धीरे-धीरे आम पहुंच से बाहर होकर 'लग्जरी' की श्रेणी में जा खड़ा हुआ है।

करोड़ों का खेल: 3BHK अब 'मिडिल क्लास' की पहुंच से दूर
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत देश के बड़े महानगरों में एक सम्मानजनक 3BHK फ्लैट की औसत कीमत अब 2.7 करोड़ रुपये के पार जा चुकी है।

2BHK का हाल: इनके दाम भी 1 से 2 करोड़ रुपये के बीच झूल रहे हैं। वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन क्लास की संस्कृति ने घर को ऑफिस और स्कूल में बदल दिया, जिससे बड़े स्पेस की मांग तो बढ़ी, लेकिन सप्लाई केवल अमीरों की जेब को ध्यान में रखकर की जा रही है।

कमाई और कीमत का बेमेल गणित
इस रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू निवेश और आय का अंतर है। एक औसत परिवार को 3BHK खरीदने के लिए अपनी 12 साल की पूरी कमाई (बिना एक पैसा खर्च किए) झोंकनी होगी। भारत में केवल 1% लोग ही ऐसे हैं जिनकी सालाना आय 23-24 लाख रुपये है। आज के रेट्स के हिसाब से केवल यही 'टॉप 1%' लोग ही बड़े शहरों में घर खरीदने की हिम्मत जुटा पा रहे हैं।

किफायती घर गायब, लग्जरी की बाढ़
बाजार में नए लॉन्च हो रहे प्रोजेक्ट्स का गणित पूरी तरह बदल गया है:

सस्ते घर: नए प्रोजेक्ट्स में मात्र 11% घर ही किफायती (Affordable) श्रेणी में हैं।

प्रीमियम सेगमेंट: शेष 89% प्रोजेक्ट्स लग्जरी और प्रीमियम कैटेगरी के हैं, जहां बिल्डर्स का मुनाफा 45-50% तक रहता है। इसके मुकाबले किफायती घरों में उनका मार्जिन केवल 15-18% ही रह गया है, इसलिए डेवलपर्स अब छोटे या सस्ते घर बनाने से कतरा रहे हैं।

समझदारी भरा चुनाव बचा सकता है लाखों
रिपोर्ट में मध्यमवर्गीय खरीदारों के लिए एक उम्मीद की किरण भी दिखाई गई है। यदि खरीदार मुख्य शहर के बजाय उभरते हुए इलाकों या सही लोकेशन का चुनाव करें, तो 30 से 60 लाख रुपये तक की बचत की जा सकती है। हालांकि, फिलहाल 41% नए घर ऐसे लोकेशन्स पर हैं जो खरीदार की वित्तीय स्थिति पर भारी बोझ डाल रहे हैं।


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Content Editor

Anu Malhotra

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