कोरोना दहशत के बीच नहीं रुक रही कालाबाजारी, 10 रुपए का मास्क 100 रुपए तक खरीद रहे लोग

2020-07-27T11:07:48.043

नई दिल्ली (नवोदय टाइम्स): कोरोना संक्रमण को रोकने में एन-95 मास्क को विफल करार देते हुए इसे असुरक्षित घोषित होने के बाद लोगों ने इस मास्क को खरीदना लगभग बंद ही कर दिया है। वहीं, साधारण समझे जाने वाले सर्जिकल और कॉटन मास्कों की बिक्री में उछाल रिकॉर्ड की गई है। मास्क बेचने वाले विक्रेताओं के मुताबिक उन्हें यह उम्मीद ही नहीं थी कि कभी एन-95 जैसे सूक्ष्म से सूक्ष्म कणों को रोकने में सक्षम मास्क भी कोरोना वायरस के आगे फेल हो सकते हैं। लक्ष्मीनगर स्थित हेल्थकेयर फॉर्मेसी के संचालक रौशन के मुताबिक अबतक काफी तादाद में लोग एन-95 मास्क को सुरक्षित मानते हुए उसकी मांग करते थे लेकिन अब सॢजकल और कॉटन मास्क की बिक्री में अचानक तेजी आ गई है। लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एन-25 मास्क का स्टॉक कर रखा था, जो अब लोगों की मांग से दूर हो गया है।

बिना वॉल्व वाला एन-95 मास्क भी है उपलब्ध 
शकरपुर स्थिति विशाल मेडिकल के संचालक विशाल के मुताबिक अगर वॉल्क युक्त एन-95 मास्क असुरक्षित है, तो बाजार में बिना वॉल्व वाले एन-95 मास्क भी उपलब्ध है लेकिन लोग इसे भी असुरक्षित मान कर नहीं खरीद रहे। लोगों को इस अंतर को समझाना पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद भी लोग अब एन-95 मास्क खरीदने से हिचक रहे हैं।

10 रुपए का मास्क 100 रुपए तक खरीद रहे लोग 
गीता कॉलोनी के निवासी संजीव छिब्बर के मुताबिक आमतौर पर 10 से 25 रुपए तक मिलने वाला विभिन्न गुणवत्ताओं वाला सर्जिकल और साधारण मास्क अब  50 से 100 रुपए तक मिल रहा है। विक्रेता थोक दर में बढ़ौत्तरी को इसकी वजह बता रहे हैं। संजीव के मुताबिक कोरोना वायरस ने मास्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर और अन्य सुरक्षा उत्पादों की जरूरतों के जरिए लोगों के बजट में अतिरिक्त बढ़ोत्तरी कर दी है।


Edited By

Anil dev

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