कांग्रेस ने PM आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करके खतरनाक मिसाल कायम की: सरकारी सूत्र

punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 09:49 PM (IST)

नेशनल डेस्कः कांग्रेस के नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक निवास के बाहर एक बड़े विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस प्रदर्शन में उनके साथ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित कई विपक्षी सांसद और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

हिरासत और राहुल गांधी को चोट
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा राहुल गांधी को ले जाए जाने के दौरान हुई धक्का-मुक्की में उन्हें आंख के नीचे चोट आई है। हिरासत के दौरान प्रियंका गांधी बस के दरवाजे को पकड़े हुए नजर आईं और उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "वे कायर हैं, वे डरे हुए हैं। हम उनसे नहीं डरते"।

NEET-UG मामले पर जवाबदेही की मांग
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ प्रधानमंत्री से जवाब मांगने के लिए किया गया था। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति
सरकारी सूत्रों ने इस प्रदर्शन की तीखी आलोचना करते हुए इसे एक "गलत और खतरनाक मिसाल" करार दिया है। सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक नेताओं के घरों को निशाना बनाकर किए जाने वाले प्रदर्शन परिपक्व लोकतंत्रों की पहचान नहीं हैं और यह देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं।

पड़ोसी देशों का दिया हवाला
सरकारी सूत्रों ने हाल के दिनों में बांग्लादेश और नेपाल में हुए दंगों का उदाहरण दिया, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के आधिकारिक आवासों में घुसकर तोड़फोड़ की थी। सूत्रों ने चेतावनी दी कि भारत में इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा देना सुरक्षा और लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News