मनमोहन सिंह के लिए Election Commission ''लोकतंत्र की आत्मा'' था, PM मोदी के लिए ''राजनीतिक साधन'': कांग्रेस
punjabkesari.in Monday, Jul 13, 2026 - 05:54 PM (IST)
नेशनल डेस्क: कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के अतीत के एक कथन का हवाला देते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि वह निर्वाचन आयोग (ईसी) को लोकतंत्र की आत्मा मानते थे, जबकि मौजूदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आयोग को राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने के एक साधन के रूप में देखते हैं। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) एस वाई कुरैशी से डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा कही गई यह बात मीडिया की सुर्खियों में आ गई है, जिसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग को 'हमारे लोकतंत्र की आत्मा' बताया था।
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Dr. Manmohan Singh’s comment made to a former CEC that he considered the Election Commission as ‘the soul of our democracy’ has invited media attention.
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) July 13, 2026
Dr. Singh’s comment is in sharp contrast to how the incumbent PM views the EC - as an instrument to exercise political…
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कुरैशी ने अपनी पुस्तक में मनमोहन सिंह के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया है। रमेश ने दावा किया कि सिंह की यह सोच मौजूदा प्रधानमंत्री के निर्वाचन आयोग को लेकर नजरिये से बिल्कुल अलग थी। रमेश ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह ने कभी यह कल्पना नहीं की होगी कि निर्वाचन आयोग उनके उत्तराधिकारी के प्रभाव में इस तरह आ जाएगा और ऐसे मुख्य निर्वाचन आयुक्त होंगे, जो इतने खुलेआम और निर्लज्जता से पक्षपात करेंगे कि वे प्रधानमंत्री के राजनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर लोगों को मताधिकार से भी वंचित कर देंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्थाओं का राजनीतिकरण करना न तो मनमोहन सिंह के स्वभाव में था और न ही उनकी विचारधारा का हिस्सा। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह के लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्र निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और उनके नेतृत्व के लिए उनके प्रति सदैव उदार रहेगा।
