कांग्रेस देश के प्रति ईमानदार नहीं, संकट के समय अफवाह फैला रही: PM मोदी

punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 09:38 PM (IST)

नेशनल डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच कांग्रेस रसोई गैस को लेकर अफवाहें फैला रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह किसी भी परिस्थिति में देशहित में जिम्मेदारी से काम नहीं कर सकती।

प्रधानमंत्री इन दिनों दो दिन के दौरे पर असम पहुंचे हैं। अपने दौरे के पहले दिन एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक युद्ध जैसे हालात के बावजूद कांग्रेस केवल अफवाहें फैलाने और दुष्प्रचार करने में लगी हुई है।

पीएम मोदी ने कहा, “आज युद्ध से बने संकटों के बीच भी कांग्रेस सिर्फ अफवाहें फैलाने और गलत प्रचार करने में जुटी है। एक तरफ भाजपा-राजग सरकार किसानों के लिए लगातार काम कर रही है और देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही है, वहीं कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश के प्रति ईमानदार नहीं है।”

नेहरू के भाषण का जिक्र कर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के एक पुराने भाषण का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए नेहरू के भाषण सुनने चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, “एक बार पंडित नेहरू लाल किले से कह रहे थे कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच युद्ध चल रहा है, इसलिए भारत में महंगाई बढ़ रही है। अब उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया कहां हैं और भारत में महंगाई की बात की जा रही थी। आज भी कांग्रेस के लोग देश को गुमराह करने में लगे हैं।”

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया देख रही है कि वैश्विक संकटों का असर देशों की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ता है।

उर्वरक की कीमतों पर सरकार का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि COVID-19 महामारी और वैश्विक युद्धों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतें कई गुना बढ़ गई थीं, लेकिन उनकी सरकार ने किसानों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए पिछले दस वर्षों में अपने खजाने से 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए हैं, ताकि भारतीय किसान अंतरराष्ट्रीय संकट के प्रभाव से बच सकें।

बंद पड़े उर्वरक संयंत्र फिर शुरू किए

पीएम मोदी ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की नीतियों के कारण देश में पांच उर्वरक संयंत्र बंद हो गए थे। लेकिन भाजपा-राजग सरकार ने ठोस कदम उठाकर इन संयंत्रों को दोबारा शुरू करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार कई योजनाओं पर काम कर रही है।

MSP खरीद को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना

प्रधानमंत्री ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली United Progressive Alliance सरकार के दस वर्षों में किसानों को उनकी फसलों के एमएसपी के रूप में केवल 6.5 लाख करोड़ रुपये मिले थे। वहीं उनकी सरकार ने एमएसपी योजना के तहत अब तक 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिला है।

डबल इंजन सरकार का मॉडल

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-राजग की डबल इंजन सरकारें संवेदनशीलता और सुशासन के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कहा, “समाज के सभी वर्गों का विकास हमारी प्राथमिकता है और यही कारण है कि असम के लोग फिर से भाजपा सरकार चाहते हैं।”

चाय बागान मजदूरों का मुद्दा भी उठाया

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसके शासन के दौरान असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय चाय बागान श्रमिकों के पास अपनी जमीन के वैध दस्तावेज भी नहीं थे। लेकिन भाजपा-राजग सरकार ने उन्हें सम्मान देने के साथ-साथ जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज भी सौंपे हैं। चाय मजदूरों से अपना भावनात्मक रिश्ता बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “मैं आपकी पैदा की हुई चाय बेचकर ही यहां तक पहुंचा हूं। अगर मुझे चाय बागान श्रमिकों का आशीर्वाद नहीं मिला होता तो क्या मैं यहां तक पहुंच पाता?”

असम को बताया पूर्वोत्तर का मॉडल

प्रधानमंत्री ने राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि असम अब पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विकास का मॉडल बन गया है। यहां की सरकार के प्रदर्शन ने पूरे पूर्वोत्तर में विकास की नई गति दी है। उन्होंने चुनाव वाले पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल का भी जिक्र करते हुए कहा कि असम में भाजपा-राजग सरकार के कामों का असर अब पश्चिम बंगाल में भी दिखाई दे रहा है। वहां भी लोग भाजपा-राजग सरकार का सुशासन चाहते हैं। गौरतलब है कि असम में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में प्रधानमंत्री का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।


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Content Writer

Pardeep

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