BRICS Summit: 7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग, चीनी मीडिया ने की भारत की जमकर तारीफ
punjabkesari.in Friday, Sep 11, 2026 - 01:04 PM (IST)
नई दिल्ली: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। यह दौरा सात साल में शी जिनपिंग की भारत की पहली यात्रा होगी। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शनिवार से रविवार तक नई दिल्ली में होगा। उम्मीद है कि इस दौरे से भारत-चीन संबंधों को नई गति मिलेगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश अपने संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को इस दौरे की पुष्टि की। शी, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी मौजूदगी को दोनों एशियाई ताकतों के लिए बातचीत को मजबूत करने और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के एक अहम मौके के तौर पर देखा जा रहा है। इस दौरे पर करीबी नज़र रखी जा रही है क्योंकि हाल ही में भारत और चीन ने संबंधों को स्थिर करने की कोशिशें की हैं।
चीनी मीडिया ने की भारत की तारीफ़
चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' ने शी के दौरे के महत्व को रेखांकित किया है और इस यात्रा के संभावित असर पर भारतीय और चीनी विशेषज्ञों की राय बताई है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इस दौरे को एक बड़ी कूटनीतिक घटना के तौर पर देखा जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने की कोशिशों पर असर डाल सकती है।
एक भारतीय थिंक टैंक के प्रमुख मोहम्मद साकिब ने कहा कि शी के दौरे से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का महत्व बढ़ गया है। सिंघुआ यूनिवर्सिटी के कियान फेंग ने कहा कि भारत इस दौरे को द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के एक अच्छे मौके के तौर पर देखता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी के बीच आमने-सामने की बैठक होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली में सुरक्षा इंतज़ाम कड़े किए गए
नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। सड़कों और बाज़ारों में कार्यक्रम से जुड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, साथ ही सुरक्षा इंतज़ाम भी कड़े किए गए हैं। सम्मेलन के मुख्य स्थल 'भारत मंडपम' में भी अंतिम सजावट और तैयारी का काम चल रहा है।
भारत-चीन व्यापारिक संबंध
'ग्लोबल टाइम्स' की रिपोर्ट में भारत और चीन के बीच मजबूत आर्थिक संबंधों पर भी ज़ोर दिया गया है। अनुमान है कि 2025-26 फाइनेंशियल ईयर में भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.8% की दर से बढ़ेगी। साथ ही, रिपोर्ट के मुताबिक भारत-चीन के बीच आपसी व्यापार लगभग 151 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है, जिससे चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है।
