चीन का तिब्बत में बड़ा एक्शन: बौद्ध केंद्र पर बुलडोजर के बाद नया फरमान, हजारों भिक्षुओं को परिसर छोड़ने का आदेश
punjabkesari.in Monday, Jul 27, 2026 - 08:17 PM (IST)
International Desk: चीन ने तिब्बत के प्रसिद्ध लारुंग गार बौद्ध अकादमी में हाल ही में जिन भिक्षुओं और भिक्षुणियों के आवास गिराए गए थे, उन्हें तुरंत परिसर खाली कर अपने मूल मठों या घरों में लौटने का आदेश दिया है। यह जानकारी तिब्बत टाइम्स की एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, चीनी प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन साधुओं के आवास ध्वस्त किए गए हैं, वे किसी भी स्थिति में लारुंग गार में नहीं रह सकते। अधिकारियों ने कई भिक्षुओं और भिक्षुणियों को जबरन उनके गृह क्षेत्रों की ओर भेजना भी शुरू कर दिया है।
बताया गया है कि 13 जुलाई से चीन ने लारुंग गार में नया विध्वंस अभियान शुरू किया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अत्यधिक भीड़ और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण की जा रही है। इस अभियान के तहत 1,060 मठवासी आवासों को तोड़ने की योजना है। रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में प्रशासन ग्युट्रुल मंदिर के आसपास के क्षेत्र को गिराना चाहता था, लेकिन मठ के प्रतिनिधियों के विरोध के बाद योजना बदल दी गई। इसके बाद भिक्षुओं और भिक्षुणियों के आवासों को निशाना बनाया गया और एक हजार से अधिक आवासों को ध्वस्त किया जा रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेर्थार के बाहर से आए भिक्षुओं और भिक्षुणियों को अपने मूल मठों या परिवारों के पास लौटने का आदेश दिया गया है। वहीं स्थानीय साधकों को भी अकादमी छोड़कर अपने-अपने कस्बों और गांवों के मठों में जाने को कहा गया है। इसके अलावा, लारुंग गार में रहने वाले लोगों और बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी कड़ी पाबंदियां लगा दी गई हैं। तीर्थयात्रियों के प्रवेश को सीमित कर दिया गया है। यह पहली बार नहीं है जब लारुंग गार में इस तरह की कार्रवाई हुई है। इससे पहले 2001, 2016 और 2019 में भी चीन बड़े पैमाने पर विध्वंस और निष्कासन अभियान चला चुका है। उस समय भी प्रशासन ने भीड़, सुरक्षा और कानूनी अनुमति का हवाला दिया था।
