भारत ने पाक-चीन सीमा आयोग को किया खारिज, कहा- भारतीय क्षेत्रों से जुड़े समझौते का हक नहीं
punjabkesari.in Wednesday, Sep 16, 2026 - 09:33 PM (IST)
नेशनल डेस्क : भारत ने बुधवार को पाकिस्तान और चीन के बीच शुरू किए गए तथाकथित पाकिस्तान-चीन सीमा संयुक्त आयोग को खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस आयोग का कोई कानूनी आधार नहीं है और पाकिस्तान को भारतीय क्षेत्र से जुड़े किसी भी समझौते में शामिल होने का अधिकार नहीं है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं।
भारत ने सीमा आयोग को बताया गैर-कानूनी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पाकिस्तान और चीन के बीच ऐसी किसी सीमा को मान्यता नहीं देता, जो भारतीय क्षेत्र से संबंधित हो। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय इलाकों को लेकर किए गए किसी भी समझौते या व्यवस्था को भारत स्वीकार नहीं करता। भारत के अनुसार, पाकिस्तान के पास भारतीय क्षेत्र से जुड़े मामलों में किसी तरह की व्यवस्था करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
भारत ने 2 मार्च 1963 को हुए तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को भी गैर-कानूनी और अमान्य बताया है। विदेश मंत्रालय का कहना है कि भारत ने इस समझौते को कभी मान्यता नहीं दी है और इस पर उसका रुख लगातार स्पष्ट रहा है।
भारतीय संप्रभुता पर कोई असर नहीं
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय क्षेत्रों की स्थिति बदलने या पाकिस्तान के कब्जे को किसी भी तरह वैध ठहराने की कोशिश का भारत विरोध करता है। मंत्रालय के मुताबिक, चीन और पाकिस्तान के बीच भारतीय क्षेत्रों को लेकर सीमा सहयोग की ऐसी कोई भी पहल भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को प्रभावित नहीं कर सकती। भारत ने पाकिस्तान से ऐसी गतिविधियों को बंद करने और उसके कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों को खाली करने की मांग भी दोहराई है।
पाकिस्तान ने आयोग को बताया अहम कदम
भारत की प्रतिक्रिया पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई। पाकिस्तान ने इस संयुक्त आयोग की पहली बैठक को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण कदम बताया था। पाकिस्तान के अनुसार, आयोग के जरिए सीमा प्रबंधन, संयुक्त सीमा सर्वेक्षण, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का रास्ता तैयार किया जाएगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, आयोग की पहली बैठक इस्लामाबाद में हुई। इसकी सह-अध्यक्षता चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा और महासागर मामलों के विभाग के उप महानिदेशक ली या और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के महानिदेशक (चीन) बिलाल महमूद चौधरी ने की।
भारत का रुख पहले से स्पष्ट
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर भारत का यही रुख पहले भी आधिकारिक तौर पर सामने आ चुका है। विदेश मंत्रालय ने 2024 में भी कहा था कि इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों को भारत अपना अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा मानता है तथा पाकिस्तान के कब्जे वाले भारतीय क्षेत्रों में किसी अन्य देश की गतिविधियों का विरोध करता है।
