जिम से बाहर निकलते ही कारोबारी की गोलियां मारकर हत्या, चारों तरफ मची अफरा-तफरी
punjabkesari.in Friday, Feb 13, 2026 - 04:35 PM (IST)
नेशनल डेस्क : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अपराध की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही। महज 48 घंटे के भीतर दूसरी और 11 दिनों में तीसरी हत्या ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात करीब 1:15 बजे राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब जिम से बाहर निकल रहे 50 वर्षीय कारोबारी विक्रम शर्मा को अज्ञात बदमाशों ने गोलियों से भून दिया। वारदात की जगह एसएसपी आवास से लगभग 500 मीटर दूर बताई जा रही है, जिससे पुलिस की चौकसी पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रमोद कुमार ने बताया कि मृतक का उधमसिंह नगर में स्टोन क्रशर से जुड़ा कारोबार था। घटना के बाद शहरभर में नाकेबंदी कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की तलाश तेज कर दी गई है।
11 दिनों में 3 हत्याएं: शहर में दहशत
लगातार हो रही वारदातों से देहरादून में भय का माहौल है। बुधवार को तिब्बती मार्केट के बाहर गैस एजेंसी संचालक की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इससे पहले 2 फरवरी को मच्छी बाजार क्षेत्र में 22 वर्षीय युवती की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। अब राजपुर रोड पर हुई इस गोलीकांड ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
सफेदपोश चेहरा, पीछे लंबा आपराधिक अतीत
बाहरी तौर पर रियल एस्टेट कारोबारी की पहचान रखने वाले विक्रम शर्मा का अतीत विवादों से घिरा रहा है। उसके पिता टाटा स्टील में कार्यरत थे। परिवार बाद में देहरादून आ बसा, जबकि विक्रम ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा जमशेदपुर में बिताया। सूत्रों के अनुसार, उसके खिलाफ झारखंड में 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2017 में उसे देहरादून से गिरफ्तार किया गया था और 2021 तक वह जेल में रहा। बाद में झारखंड हाई कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद वह रिहा हुआ।
गैंग कनेक्शन और पुराने मामले
पुलिस सूत्र बताते हैं कि विक्रम शर्मा का नाम झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह से भी जुड़ता रहा है, जिसे उसका करीबी माना जाता था। उस पर कई चर्चित मामलों में आरोप लगे थे, जिनमें टाटा स्टील के सुरक्षा अधिकारी की हत्या, व्यवसायियों पर फायरिंग और अन्य संगीन वारदातें शामिल थीं। हालांकि कई मामलों में वह बरी भी हो चुका था।
नई पहचान की कोशिश, लेकिन अतीत बना पीछा करने वाला साया
जेल से बाहर आने के बाद विक्रम शर्मा ने खुद को एक शांत और व्यवस्थित कारोबारी के रूप में स्थापित करने की कोशिश की। देहरादून में उसका दायरा रियल एस्टेट और व्यापारिक संपर्कों तक सीमित नजर आ रहा था। लेकिन ताजा वारदात ने यह साफ कर दिया कि उसका पुराना इतिहास अब भी उसके साथ जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी है और शहरवासी जवाब का इंतजार कर रहे हैं।
