Shanghai Cooperation Organization की बैठक में बोले रक्षा मंत्री— ''आतंकवाद पर दोहरे मापदंड अब नहीं चलेंगे''
punjabkesari.in Tuesday, Apr 28, 2026 - 01:17 PM (IST)
नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान द्वारा विभिन्न आतंकवादी समूहों को दिए जा रहे समर्थन का स्पष्ट संदर्भ देते हुए मंगलवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) को ''सरकार प्रायोजित'' सीमा पार आतंकवाद की अनदेखी नहीं करना चाहिए क्योंकि इस खतरे से निपटने में किसी भी तरह के ''दोहरे मापदंड'' की कोई गुंजाइश नहीं है।
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A peaceful future for our region requires the SCO to act as a consistent guardian of international standards. By tackling terrorism, separatism, and extremism without exception, we transform the regional security from a challenge into a cornerstone for peace and prosperity. Our…
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) April 28, 2026
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सिंह ने बिश्केक में एससीओ के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अपना ''दृढ़ संकल्प'' दिखाया कि ''आतंकवाद के केंद्रों को न्यायोचित दंड से अब छूट नहीं है।'' उन्होंने कहा, ''हमें सरकार द्वारा प्रायोजित उस सीमा पार आतंकवाद को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए जो किसी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करता है।'' सिंह ने कहा, ''दोहरे मापदंड की कोई गुंजाइश नहीं है और एससीओ को आतंकवादियों को उकसाने, उन्हें पनाह देने और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग करने में हिचकिचाना नहीं चाहिए।'' रक्षा मंत्री ने आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर समन्वित प्रयासों की वकालत की। उन्होंने कहा, ''हम कट्टरपंथ, चरमपंथ और आतंकवाद के रूप में बढ़ती चुनौती का भी सामना कर रहे हैं। आतंकवाद उभरती विश्व व्यवस्था के लिए सबसे गंभीर खतरा बन गया है।''

सिंह ने कहा, ''इसी पृष्ठभूमि में एससीओ हमारे साझा मूल्यों पर आधारित एक संगठन के रूप में उभरा। एससीओ ने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में ऐसे कृत्यों और विचारधाराओं की निंदा की है।'' रक्षा मंत्री ने मौजूदा भू-राजनीतिक उथल-पुथल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दुनिया आज बढ़ती एकतरफा नीतियों और संघर्षों के रूप में वास्तविकता का सामना कर रही है। सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगातार हुए संघर्षों में जान-माल का चिंताजनक दर पर नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ''रक्षा के लिए जिम्मेदार लोग होने के नाते, यह हमारे लिए आत्ममंथन करने और इस स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने का समय है।''
