Budget 2026: मिडिल क्लास की होगी बल्ले- बल्ले! सैलरी वालों और मिडिल क्लास के लिए बजट में हुए ये ऐलान
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 01:06 PM (IST)
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 के माध्यम से टैक्स व्यवस्था को सरल बनाने और विवादों को कम करने पर जोर दिया है। जहाँ एक तरफ विदेश यात्रा और शॉपिंग सस्ती करने के संकेत मिले हैं, वहीं शेयर बाजार के 'सट्टेबाजों' पर लगाम कसी गई है। आइए जानते हैं वो 14 बातें जो आपके बजट को बदल देंगी।
1. नया इनकम टैक्स एक्ट (New Income Tax Act)
अगले साल यानी 1 अप्रैल 2026 से भारत में एक नया आयकर अधिनियम लागू होगा। सरकार का दावा है कि इसके नियम और फॉर्म इतने आसान होंगे कि आम नागरिक बिना किसी जटिलता के खुद अपना टैक्स मैनेज कर सकेगा।
2. ऑटोमैटिक 'निल डिडक्शन' सर्टिफिकेट
छोटे करदाताओं को अब राहत मिलेगी। उन्हें टीडीएस (TDS) कटवाने या कम कटवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। एक नई ऑटोमैटिक प्रक्रिया के जरिए यह सर्टिफिकेट आसानी से मिल जाएगा।
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3. एक्सीडेंट क्लेम पर कोई टैक्स नहीं
सड़क दुर्घटना में मिलने वाली क्लेम राशि पर अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। कोर्ट या न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए ब्याज को भी इनकम टैक्स और टीडीएस के दायरे से बाहर कर दिया गया है।
4. विदेश घूमना और पढ़ाई होगी सस्ती
विदेशी टूर पैकेज पर लगने वाले टीसीएस (TCS) को 5-20% से घटाकर अब सीधा 2% कर दिया गया है। वहीं, विदेश में शिक्षा और इलाज के लिए पैसे भेजने पर भी अब 5% की जगह सिर्फ 2% टैक्स ही कटेगा।
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5. मैनपावर सप्लाई पर कम टीडीएस
ह्यूमन रिसोर्स सप्लाई करने वाली कंपनियों के लिए स्पष्टता लाते हुए टीडीएस दर को केवल 1% या 2% के दायरे में रखा गया है।
6. रिवाइज्ड आईटीआर (Revised ITR) की बढ़ी समयसीमा
अगर आपसे रिटर्न भरते समय कोई गलती हो जाती है, तो अब आप 31 मार्च तक अपना रिवाइज्ड आईटीआर फाइल कर सकते हैं। पहले इसकी आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी।
7. निवेशकों के लिए फॉर्म 15G/15H की सुविधा
अगर आपके पास कई कंपनियों के शेयर हैं, तो अब आपको हर कंपनी को अलग-अलग फॉर्म 15G/15H नहीं देना होगा। डिपॉजिटरी एक बार में ही इसे सभी कंपनियों तक पहुँचा देगा।
8. आईटीआर डेडलाइन में स्थिरता
व्यक्तिगत करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की तारीख अभी भी 31 जुलाई ही है। हालाँकि, ट्रस्टों और नॉन-ऑडिट व्यावसायिक मामलों के लिए इसे 31 अगस्त तक रखा गया है।
9. NRI प्रॉपर्टी डील हुई आसान
जब कोई एनआरआई भारत में अपनी संपत्ति बेचता है, तो खरीदार को अब पैन (PAN) आधारित चालान का उपयोग करने की छूट मिलेगी। इसके लिए अब भारी-भरकम टीएएन (TAN) नंबर की जरूरत नहीं होगी।
10. विदेशी संपत्ति डिस्क्लोजर स्कीम
विदेश में संपत्ति रखने वाले छोटे करदाताओं के लिए 6 महीने की एक विशेष योजना आई है। 1 करोड़ तक की अघोषित संपत्ति पर 60% (टैक्स + जुर्माना) देकर कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।
11. जुर्माना और प्रोसिक्यूशन में बड़ी राहत
टैक्स विवादों में अब करदाताओं को राहत देते हुए प्री-पेमेंट राशि को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है। साथ ही ऑडिट न कराने जैसी तकनीकी गलतियों को अब 'अपराध' के बजाय केवल 'जुर्माने' की श्रेणी में रखा गया है।
12. शेयर बायबैक (Share Buyback) पर टैक्स
अब शेयर बायबैक से होने वाली आय को 'कैपिटल गेन' माना जाएगा। प्रमोटर्स के लिए इस पर प्रभावी टैक्स 22-30% के बीच होगा।
13. विदेशी सामान का आयात होगा सस्ता
निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से मंगाए जाने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% कर दी गई है। यानी अब बाहर से सामान मंगाना किफायती होगा।
14. शेयर बाजार (F&O) में ट्रेडिंग महंगी
वायदा और विकल्प (Futures & Options) में सट्टेबाजी कम करने के लिए एसटीटी (STT) बढ़ा दिया गया है। फ्यूचर्स पर अब 0.02% की जगह 0.05% टैक्स लगेगा।
