BRICS Summit में PM मोदी का सख्त संदेशः दुनिया बदली तो नियम भी बदलने होंगे, दिखाया भारत का विजन
punjabkesari.in Sunday, Sep 13, 2026 - 02:34 PM (IST)
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS 2026 के मंच से दुनिया को एक स्पष्ट संदेश दिया है कि Global South अब केवल बनाए गए वैश्विक नियमों का पालन करने वाला ‘Rule Taker’ नहीं रहेगा, बल्कि विश्व व्यवस्था के नियम और प्राथमिकताएं तय करने में ‘Rule Maker’ की भूमिका निभाएगा। दिल्ली में आयोजित बहुपक्षीय कार्यक्रम के दूसरे दिन PM मोदी ने BRICS की बढ़ती ताकत, आकर्षण और अभूतपूर्व वैश्विक भरोसे को रेखांकित करते हुए समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर जोर दिया। BRICS सत्र की अध्यक्षता करते हुए PM मोदी ने नए सदस्यों और भागीदारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग महाद्वीपों, संस्कृतियों और विकास की अलग-अलग यात्राओं वाले देश एक मंच पर आ रहे हैं।
यह BRICS की बढ़ती ताकत, उसके आकर्षण और उस पर लोगों के बढ़ते भरोसे का प्रमाण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान चार प्रमुख स्तंभों लचीलापन, Innovation, सहयोग और Sustainability पर विशेष ध्यान दिया गया है। सदस्य देशों के सहयोग और समर्थन से साझा सोच को ऐसे सहयोग में बदला गया है, जिसमें सभी पक्षों का लाभ हो। PM मोदी ने दुनिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और उससे आम लोगों पर पड़ रहे व्यापक प्रभाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महामारी, जलवायु आपदाओं और Supply Chain में रुकावटों ने साबित किया है कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में किसी एक क्षेत्र में पैदा हुआ संकट दूसरे हिस्सों को भी प्रभावित करता है। यही वजह है कि BRICS में संकटों से निपटने की क्षमता और मजबूती बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयारी करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाना बेहद जरूरी है। PM मोदी ने BRICS के भीतर तैयार की जा रही कई पहलों का भी उल्लेख किया। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए BRICS Integrated Early Warning System पर सहमति बनी है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन के लिए Early Warning Data Integration Guidelines तैयार की गई हैं। BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework का उद्देश्य सदस्य देशों की Supply Chain को अधिक भरोसेमंद और मजबूत बनाना है।
भारत की अध्यक्षता में चार स्तंभों पर जोर
BRICS 2026 की भारतीय अध्यक्षता का फोकस चार प्रमुख स्तंभों पर रखा गया है Resilience, Innovation, Cooperation और Sustainability। PM मोदी के संदेश में इन चारों के पीछे एक बड़ा विजन दिखाई दिया ऐसी वैश्विक व्यवस्था जिसमें विकासशील देशों की आवाज केवल सुनी ही न जाए, बल्कि वैश्विक फैसलों और नियमों के निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका हो। यानी BRICS को भारत केवल आर्थिक सहयोग के मंच के तौर पर नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक व्यवस्था में Global South की सामूहिक ताकत और आवाज के रूप में भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इससे पहले भारत मंडपम में BRICS देशों के नेताओं ने फैमिली फोटो के लिए पोज दिया। तस्वीर में PM मोदी बीच में खड़े नजर आए, जबकि उनके दोनों ओर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग मौजूद थे।
