BRICS ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की, आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने का आह्वान
punjabkesari.in Saturday, Sep 12, 2026 - 08:28 PM (IST)
नेशनल डेस्क : भारत ने शनिवार को तब एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की, जब ब्रिक्स द्वारा अंगीकार किये गए 'नयी दिल्ली घोषणापत्र' में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की गई और देश-समर्थित सीमा-पार आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं की नीति अपनाने का आह्वान किया। 'लचीलेपन, नवोन्मेष, सहयोग और स्थिरता का निर्माण' शीर्षक वाले 45 पन्ने के इस व्यापक घोषणा-पत्र में वैश्विक आतंकवाद, अवैध वित्तीय लेन-देन, साइबर धोखाधड़ी और उभरते हुए सीमा-पार धोखाधड़ी नेटवर्क के खिलाफ इस समूह का एकजुट रुख सामने आया। घोषणापत्र में सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए, सदस्य देशों ने पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे।
ब्रिक्स घोषणापत्र में पिछले साल पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकवादी हमले का स्पष्ट रूप से जिक्र करते हुए कहा गया, ''हम आतंकवाद के किसी भी कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और इसे आपराधिक व अनुचित मानते हैं,चाहे उसका उद्देश्य कुछ भी हो, और उसे कभी भी, कहीं भी या किसी ने भी अंजाम दिया हो।'' आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों से निपटने के अपने संकल्प को दोहराते हुए, सदस्य देशों ने आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के लिए वित्तपोषण और पनाहगाहों से निपटने का आह्वान किया।
संयुक्त बयान में कहा गया, ''हम दोहराते हैं कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल तथा उन्हें समर्थन देने वाले सभी लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और संबंधित राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।'' घोषणापत्र में आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा गया, ''हम आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति सुनिश्चित करने और आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने की अपील करते हैं। हम आतंकवाद से निपटने में देशों की मुख्य जिम्मेदारी पर जोर देते हैं।''
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)ने ब्रिक्स दिल्ली घोषणा पत्र को भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत करार दिया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, ''कोई अस्पष्टता नहीं है। कोई दोहरा मापदंड नहीं है। पहलगाम के मुद्दे पर ब्रिक्स एकमत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को वैश्विक कूटनीतिक आम सहमति में बदल दिया है।'' उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत। ब्रिक्स आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है।''
ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के तहत ''अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि को यथाशीघ्र अंतिम रूप देने और उसे अपनाने'' पर जोर दिया और ''संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई'' करने का आह्वान किया। इस घोषणापत्र में ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी समूह (सीटीडब्ल्यूजी) और उसके पांच उप-समूहों की गतिविधियों का स्वागत किया गया जिनके आधार पर ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी रणनीति, ब्रिक्स आतंकवाद-रोधी कार्य योजना और सीटीडब्ल्यूजी का दृष्टिकोण पत्र तैयार किया गया। इसमें कहा गया, ''हम आतंकवाद-रोधी सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में 'अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक संधि' को यथाशीघ्र अंतिम रूप देने और उसे अपनाने की मांग करते हैं। हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित सभी आतंकवादियों और आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग करते हैं।''
ब्रिक्स ने साझा तौर पर अपनाए जाने वाले बेहतरीन तरीकों के जरिए चरमपंथ और कट्टरपंथ का मुकाबला करने की जरूरत को रेखांकित किया, विशेषतौर पर 'खासकर युवा पीढ़ी के बीच''। घोषणापत्र में कहा गया, ''हम विशेष तौर पर युवा पीढ़ी के बीच चरमपंथ और कट्टरपंथ का मुकाबला करने के महत्व पर जोर देते हैं। साथ ही, हम ब्रिक्स देशों और उनके सक्षम प्राधिकारों के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित करते हैं, जिसमें बेहतरीन तरीकों को साझा करना भी शामिल है।'' आतंकवाद-रोधी प्रयासों के अलावा, इस घोषणापत्र में अवैध वित्तीय लेन-देन, मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली आय,धनशोधन और 'वर्चुअल एसेट्स' (बिटकॉइन आदि) के आपराधिक दुरुपयोग पर गंभीर चिंता जताई गई।
सदस्य देशों ने वित्तीय सुरक्षा के लिए आधुनिक खतरों पर गंभीर संज्ञान लेते हुए कहा, ''हम संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क के प्रसार पर गहरी चिंता जताते हैं - जिनमें सीमा-पार धोखाधड़ी और तथाकथित 'स्कैम कंपाउंड' शामिल हैं - जो डिजिटल प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली और कमजोर स्थिति वाले लोगों का फायदा उठाते हैं।'' घोषणापत्र में संयुक्त कार्रवाई के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा गया, '' हम इन गैर-कानूनी नेटवर्क को खत्म करने, अपराध से हुई कमाई का पता लगाने और उसे वापस पाने, पीड़ितों की सुरक्षा करने और बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के लिए वित्तीय संस्थानों और भुगतान के नए तरीकों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए आपसी तालमेल के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई करने के महत्व पर जोर देते हैं।'' आर्थिक अपराधों पर रोक लगाने के लिए, नेताओं ने वित्तीय खुफिया इकाई, सीमा शुल्क अधिकारियों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, कर अधिकारियों, दूर संचार सेवा प्रदाताओं और प्रौद्योगिकी मंचों के बीच बेहतर सीमा-पार सहयोग की अपील की गई। घोषणा पत्र में कहा गया कि आंकड़ों के विश्लेषण और जानकारी साझा करने का इस्तेमाल करके धनशोधन के जटिल तरीकों को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
