BRICS Summit: PM मोदी का BRICS समिट में ग्लोबल रिफॉर्म पर जोर, बोले- ग्लोबल साउथ संकटों की फ्रंट रो में, निर्णय लेने में बैक रो में

punjabkesari.in Saturday, Sep 12, 2026 - 03:12 PM (IST)

नई दिल्ली: ब्रिक्स समिट के लिए PM मोदी और दुनिया के अन्य नेता भारत मंडपम पहुंचे। समिट स्थल पर PM मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया। जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मेहमानों और गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित करते हुए शिखर सम्मेलन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता लोगों पर केंद्रित और मानवता को प्राथमिकता देने वाले नज़रिए से प्रेरित है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक दौर बताया क्योंकि यह समूह अपना 20वां साल मना रहा है। उन्होंने कहा कि दो दशक परिपक्वता और ज़्यादा ज़िम्मेदारी का दौर होते हैं।

-ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशा भी तय करनी होगी। ग्लोबल गवर्नेंस का वर्तमान ढांचा पिरामिड की तरह दिखाई देता है। इसके ऊपरी भाग में पावर और डिसीजन मेकिंग केंद्रित है और निचले भाग में वो देश हैं जो इन निर्णयों से प्रभावित तो होते हैं लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते। ग्लोबल साउथ आज वैश्विक संकटों की फ्रंट रॉ में है लेकिन डिसीजन मेकिंग की बैक रो में है..." 

PM मोदी ने Troika का दिया सुझाव
-ब्रिक्स समिट 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "इस साल का ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक पड़ाव है। हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इंसानी ज़िंदगी में, बीस साल की उम्र परिपक्वता और ज़िम्मेदारी के एक नए दौर की शुरुआत होती है- एक ऐसा पड़ाव जहाँ ज़िम्मेदारियाँ सपनों से जुड़ती हैं और क्षमता को एक नई दिशा मिलती है। आज, ब्रिक्स भी 'परिपक्वता' के ऐसे ही एक मुकाम पर पहुँच गया है। पिछले दो दशकों में, ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के नज़रिए का सम्मान करते हैं और कर्तव्य की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं। हम किसी का विरोध करके नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। अब समय आ गया है कि हम ब्रिक्स के भीतर अपनी एकता और आम सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस नतीजों में बदलें। हमें अगले बीस वर्षों के लिए एक नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा, जिसकी शुरुआत हमें अपनी आंतरिक कार्य-प्रणालियों से करनी चाहिए। हालाँकि ब्रिक्स की अध्यक्षता हर साल बदलती रहती है, लेकिन इससे हमारी संस्थागत गति में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। मैं ब्रिक्स के लिए 'निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र' (Continuity and Implementation Mechanism) का प्रस्ताव रखता हूं; इससे 'ट्रोइका' (Troika) के माध्यम से सभी पहलों और नतीजों पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी..."

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि BRICS की अध्यक्षता के दौरान भारत की मुख्य प्राथमिकताओं में लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी शामिल थे। उन्होंने कहा कि BRICS के सहयोग को आम लोगों से जोड़ने पर खास ज़ोर दिया गया और इसके तहत लगभग 30 शहरों में 350 से ज़्यादा बैठकें हुईं।

PM मोदी ने ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार की मांग उठाई
-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार की मांग करते हुए कहा कि 'ग्लोबल साउथ' को लंबे समय से "पिछली कतार" में बिठाकर रखा गया है। उन्होंने सत्ता और विशेषाधिकार के मौजूदा "पिरामिड" को साझेदारी के प्लेटफ़ॉर्म में बदलने का आह्वान किया।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स 'ग्लोबल साउथ' के वार्ताकारों और नीति-निर्माताओं को नेतृत्व विकसित करने, सहयोग मजबूत करने और वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में बड़ी भूमिका निभाने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समुद्री यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक तंत्र बनाने का आह्वान किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि समुद्र में काम करने वालों की सुरक्षा वैश्विक समुद्री व्यापार के सुचारू संचालन के लिए ज़रूरी है।

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया।

 

रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिक्स देश एक साझा घोषणापत्र पर सहमत हुए हैं। ग्लोबल टाइम्स का कहना है कि ग्लोबल इकॉनमी में BRICS की अहमियत में बड़ा बदलाव आया है। 2006 में इसकी GDP, G7 की GDP की लगभग आधी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में BRICS ने G7 को पीछे छोड़ दिया और IMF का अनुमान है कि 2031 तक इसकी GDP, G7 की GDP से 1.6 गुना ज़्यादा हो जाएगी।

विदेश मंत्रालय ने शनिवार को भारत यात्रा पर आए चीनी राष्ट्रपति का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि वे रचनात्मक बातचीत की उम्मीद कर रहे हैं। 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचे पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का गर्मजोशी से स्वागत। हवाई अड्डे पर राज्य मंत्री @JitinPrasada ने उनकी अगवानी की।

 

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिन में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से भी मिलेंगे। इससे पहले, शनिवार को उन्होंने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली और मलेशिया के राष्ट्रपति अनवर इब्राहिम से मुलाकात की थी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की भी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात होनी है।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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