Bank Closed: 27 जनवरी को देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें खुलेंगे या बंद?
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 08:06 PM (IST)
नेशनल डेस्क: देशभर के बैंक ग्राहक अगले हफ्ते असमंजस की स्थिति में हैं। वजह है बैंक कर्मचारियों की यूनियनों द्वारा 27 जनवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल। अगर यह हड़ताल होती है, तो बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि अभी तक यह पूरी तरह साफ नहीं है कि सभी बैंक इस हड़ताल में शामिल होंगे या नहीं।
हड़ताल की तारीख और भी अहम इसलिए हो जाती है, क्योंकि उससे पहले शनिवार-रविवार की छुट्टी और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस है। यानी अगर 27 जनवरी को बैंक बंद रहे, तो लगातार चौथे दिन ग्राहकों को ब्रांच सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। इसी को देखते हुए कई बड़े बैंकों ने पहले ही अपने ग्राहकों को सतर्क कर दिया है कि हड़ताल की स्थिति में सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
इस हड़ताल का ऐलान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने किया है। जनवरी की शुरुआत में ही यूनियनों ने हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद मुख्य श्रम आयुक्त के साथ कई दौर की बैठकें हुईं, जिनमें वित्त मंत्रालय, बैंक प्रबंधन और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के प्रतिनिधि भी शामिल रहे। लेकिन बातचीत किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद यूनियनों ने 27 जनवरी को हड़ताल पर जाने का फैसला बरकरार रखा।
आखिर बैंक कर्मचारी नाराज़ क्यों हैं?
वर्तमान में बैंक कर्मचारियों को हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार तथा सभी रविवार को छुट्टी मिलती है। यूनियनों की मांग है कि महीने के सभी शनिवार छुट्टी घोषित किए जाएं। मार्च 2024 में हुए वेतन समझौते के दौरान इस मांग पर सहमति भी बनी थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया। यूनियनों का कहना है कि वे काम के घंटे पूरे करने के लिए सोमवार से शुक्रवार रोज़ाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को भी तैयार हैं, इसके बावजूद सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
प्रस्तावित हड़ताल 26 जनवरी की रात 12 बजे से 27 जनवरी की रात 12 बजे तक रहने वाली है। SBI समेत कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को सलाह दी है कि इस दौरान डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर कस्टमर सर्विस पॉइंट्स भी खुले रह सकते हैं।
