Qatar airspace closed: कतर का एयरस्पेस बंद, इंडिगो और अकासा की उड़ानें 7 मार्च तक रद्द
punjabkesari.in Tuesday, Mar 03, 2026 - 08:53 AM (IST)
नेशनल डेस्क: मिडिल ईस्ट के आसमान पर छाई जंग की काली घटाओं ने अब दुनिया भर के हवाई रास्तों पर ब्रेक लगा दिया है। युद्ध के गहराते संकट को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस ने अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए खाड़ी देशों की उड़ानों पर ताला लगा दिया है। इस तनावपूर्ण माहौल में Akasa Air ने बड़ा फैसला लेते हुए 3 मार्च 2026 को Abu Dhabi, Jeddah, Doha, Kuwait और Riyadh जैसे प्रमुख शहरों के लिए अपनी सभी सेवाएं रद्द कर दी हैं।
कंपनी ने उन यात्रियों को राहत दी है जिनकी बुकिंग 7 मार्च तक थी, वे अब बिना किसी अतिरिक्त पैसे के अपना टिकट बदल सकते हैं या पूरा रिफंड ले सकते हैं। वहीं, IndiGo ने भी सावधानी बरतते हुए मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल बंद कर दिया है और प्रभावित यात्रियों के लिए रिफंड की सुविधा शुरू की है।
Qatar Airways tweets, "Qatar Airways flight operations remain temporarily suspended due to the closure of Qatari airspace. Qatar Airways will resume operations once the Qatar Civil Aviation Authority announces the safe reopening of Qatari airspace. A further update will be… pic.twitter.com/fPlFNjddAI
— ANI (@ANI) March 2, 2026
Qatar Airways का परिचालन ठप
दूसरी ओर, कतर ने अपने आसमान को पूरी तरह से सील कर दिया है, जिससे Qatar Airways का परिचालन ठप हो गया है। वहां के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने साफ कर दिया है कि जब तक आसमान उड़ानों के लिए सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक एक भी विमान उड़ान नहीं भरेगा। इस फैसले ने न केवल खाड़ी देशों बल्कि एशिया और यूरोप के बीच यात्रा करने वाले हजारों मुसाफिरों को मझधार में छोड़ दिया है। 3 मार्च की सुबह दोहा के समय के अनुसार स्थिति की समीक्षा की जाएगी, लेकिन तब तक हवाई अड्डों पर यात्रियों का जमावड़ा और चिंता बढ़ती जा रही है।
IndiGo issues travel advisory- "As part of our continued precautionary approach, the temporary suspension of select international flights operating through parts of the Middle Eastern airspace has been extended. Additionally, certain other international services may be impacted… pic.twitter.com/J0rc4hPY19
— ANI (@ANI) March 2, 2026
युद्ध की इस तपिश ने विमानन क्षेत्र के अर्थशास्त्र को भी हिलाकर रख दिया है। हवाई मार्ग बदलने से न केवल सफर का समय बढ़ गया है, बल्कि ईंधन की खपत बढ़ने से आने वाले दिनों में टिकटों के दाम आसमान छूने की आशंका है। खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों के लिए यह घड़ी सबसे ज्यादा भारी है, क्योंकि युद्ध के चलते उनकी घर वापसी की उम्मीदें फिलहाल अनिश्चितता के घेरे में हैं। इस सैन्य संघर्ष ने न केवल जमीन पर बल्कि आसमान में भी आम आदमी की जिंदगी को मुश्किलों से भर दिया है।
