उम्रकैद के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची आसिया अंद्राबी, कोर्ट ने जारी किया नोटिस... यूएपीए के तहत काट रही सजा
punjabkesari.in Monday, Aug 03, 2026 - 02:04 PM (IST)
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से जवाब मांगा है। यह जवाब कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी और उनके दो साथियों की अपील पर मांगा गया है। आसिया अंद्राबी महिलाओं के प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन ‘दुख्तरान-ए-मिल्लत’ (DeM) की संस्थापक हैं। उन्होंने और उनके साथियों ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसमें उन्हें आतंकवादी संगठन चलाने का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी।
कोर्ट की कार्रवाई
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और विकास महाजन की बेंच ने NIA के वकील को निर्देश दिया कि वे उन तीन महिलाओं की अर्जी पर जवाब दाखिल करें, जिन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की है। बेंच ने सुनवाई की अगली तारीख 30 सितंबर तय की। NIA के वकील ने अपील का विरोध करते हुए कहा कि इसे NIA एक्ट के तहत तय समय-सीमा के बाद दाखिल किया गया था।
ट्रायल कोर्ट का फैसला
ये तीनों महिलाएं ट्रायल कोर्ट के 14 जनवरी और 24 मार्च के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची थीं। 14 जनवरी को अदालत ने अंद्राबी, सूफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। कोर्ट ने माना कि उन्होंने ऐसा आतंकवादी संगठन चलाया था जिसका मकसद जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना था। अदालत ने पाया कि दोषी को भारतीय संविधान के प्रति कोई निष्ठा नहीं थी और वे देश की संप्रभुता तथा अखंडता को बनाए रखने के इच्छुक नहीं थे। उन्होंने विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल विद्रोही प्रचार और नफरत फैलाने वाले भाषणों के लिए किया था। 24 मार्च को अदालत ने आसिया अंद्राबी को उम्रकैद की सजा सुनाई, जबकि उनके दो साथियों को 30 साल की जेल की सजा दी।
साजिश की लीडर बताया।
अंद्राबी और उनके साथियों को 2018 में NIA ने गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि वे आतंकवादी संगठन चला रही थीं और भारत की अखंडता, सुरक्षा तथा संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करने वाले भड़काऊ प्रचार फैला रही थीं।
