''यहां आने से नर्क नहीं जाना पड़ता'', यौन शोषण मामले में सजायाफ्ता आसाराम ने इन 7 जगहों को बताया ''मोक्ष धाम''
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 09:23 AM (IST)
नेशनल डेस्क: यौन शोषण के मामले में सजा काट रहे Asaram Bapu अयोध्या दौरे को लेकर चर्चा में हैं। राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार Ayodhya पहुंचे आसाराम ने यहां तीर्थों की महिमा बताते हुए कहा कि भारत में कुछ ऐसे पवित्र स्थल हैं जहां आने या प्राण त्यागने से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है। इसी दौरान उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे स्थानों पर आने वाले लोगों को नर्क नहीं जाना पड़ता।
बता दें कि Asaram Bapu 10 मार्च को धर्मनगरी Ayodhya पहुंचे। अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आध्यात्मिकता और भारतीय परंपराओं पर जोर दिया। राम मंदिर निर्माण के बाद अपनी पहली अयोध्या यात्रा पर आए आसाराम ने सरयू तट पर आयोजित भव्य आरती में हिस्सा लिया और रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कर देश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने Hanuman Garhi Temple में पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ Ram Lalla के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
इस दौरान उन्होंने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए भारत के सात मोक्षदायी तीर्थों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार Ayodhya, Mathura, Maya (Haridwar), Varanasi, Kanchipuram, Ujjain और Dwarka ऐसे स्थान हैं जिन्हें मोक्ष का धाम माना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत का सौभाग्य है कि यहां ऐसे पवित्र स्थल मौजूद हैं, जहां किसी भी व्यक्ति के प्राण त्यागने को शुभ माना जाता है।
उन्होंने भारतीय आयुर्वेद के सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा कि मानव शरीर वात, पित्त और कफ जैसे तीन दोषों से बना है, और अयोध्या जैसे पावन धाम की यात्रा करने से इन दोषों में कमी आती है और मन-शरीर को विशेष शांति मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि Ram Mandir Ayodhya के निर्माण के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है।
आसाराम बापू ने कहा कि वे Ram Lalla Temple के दर्शन और Hanuman Garhi Temple में पूजा-अर्चना करने के लिए अयोध्या आए हैं। इस दौरान उन्होंने Saryu River के तट पर आयोजित सरयू आरती में भाग लिया और देश की सुख-समृद्धि तथा शांति के लिए प्रार्थना भी की। फिलहाल उनका अयोध्या प्रवास जारी है। उनके अनुसार इन पवित्र स्थलों में Ayodhya को पहला स्थान दिया जाता है और उसके बाद Mathura का महत्व बताया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रमाण भी मिले हैं कि मथुरा में साधु वेश में रहने वाले लोगों को मृत्यु के बाद नरक नहीं जाना पड़ा।
