''अमृत काल'' बना छात्रों का ''मृत काल'': NEET पेपर लीक और छात्रों की खुदकुशी पर खड़गे का केंद्र पर बड़ा हमला
punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 04:04 PM (IST)
नेशनल डेस्क: NEET UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने और उसके बाद परीक्षा टाले जाने से परेशान होकर देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबरों पर सियासी भूचाल आ गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी का 'अमृत काल' छात्रों के लिए 'मृत काल' साबित हो रहा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तुरंत इस्तीफे की मांग की है।
खड़गे ने साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक भावुक और कड़ा पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज में अब तक 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे देश के 9 करोड़ से ज्यादा छात्रों और उनके परिवारों का भविष्य और उम्मीदें दांव पर लग गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार 'पेपर लीक माफिया' को संरक्षण दे रही है, जिससे निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षाओं का पूरा सिस्टम ही ध्वस्त हो गया है। खड़गे ने उन छात्रों का जिक्र किया जिन्होंने पेपर लीक के सदमे के कारण अपनी जान गंवा दी। उनके नाम हैं- ऋतिक मिश्रा (लखीमपुर खीरी, यूपी), अंशिका पांडे (20 वर्ष, दिल्ली), प्रदीप मेघवाल (झुंझुनू, राजस्थान) इसके अलावा गोवा में रह रहे बेंगलुरु के एक छात्र ने भी यह खौफनाक कदम उठाया।
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मोदी सरकार में "अमृत काल" भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए "मृत काल" साबित हो रहा है।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) May 16, 2026
खबरों के मुताबिक़ कई छात्र-छात्राओं ने NEET के पेपर लीक के सदमें से आत्महत्या की है।
लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा,
दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय,
राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल,… pic.twitter.com/kHNgI3Uhl6
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"इनमें से कई युवाओं ने बचपन से डॉक्टर बनने का सपना देखा था, कई परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी थी। लेकिन मोदी सरकार के भ्रष्ट और अक्षम सिस्टम ने उनके सपनों को पैरों तले रौंद दिया। बेरोजगारी की आग पहले से ही युवाओं को खा रही थी और अब इस धांधली ने उन्हें तोड़ दिया है।"
पीएम मोदी की चुप्पी और 'ईज ऑफ लिविंग' पर तंज
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी आजकल खुद 'फैक्ट चेक' करने में व्यस्त हैं। कल उन्होंने 'ईज ऑफ लिविंग' (सुगम जीवन) को लेकर एक ट्वीट किया, लेकिन NEET पेपर लीक और युवाओं की मौतों पर उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।

खड़गे ने साल 2024 के NEET पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि उस समय भी संदिग्ध अधिकारियों को सजा देने के बजाय मलाईदार पदों (Plum Positions) से नवाजा गया था, यही वजह है कि हर साल देश के युवाओं का भविष्य लूटा जा रहा है। उन्होंने पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। अब शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और पीएम को 'परीक्षा पे चर्चा' के बजाय 'परीक्षा लीक पर चर्चा' करनी चाहिए।
CBI का बड़ा एक्शन
एक तरफ जहां इस मुद्दे पर राजनीतिक घमासान जारी है, वहीं केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को एक बड़ी कामयाबी का दावा किया है। सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले के मुख्य मास्टरमाइंड (किंगपिन) को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी का नाम पी.वी. कुलकर्णी है, जो पुणे में एक केमिस्ट्री लेक्चरर है। वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था, जिसके कारण उसकी पहुंच NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्रों तक हो गई थी। जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते में कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पुणे में अपने आवास पर चुनिंदा छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास आयोजित की थी, जहां पेपर लीक किया गया। सीबीआई ने मनीषा वाघमारे को 14 मई को ही गिरफ्तार कर लिया था। इस पूरे मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी अब तक कुल 7 गिरफ्तारियां कर चुकी है।

