1200 करोड़ बैंक फ्रॉड: अमीरा फूड्स प्रमोटर करण चनाना-अनीता डैंग फ्यूजिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर घोषित, 123 करोड़ संपत्ति जब्त!

punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 11:30 PM (IST)

नेशनल डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी में राउज एवेन्यू स्थित विशेष PMLA/FEOA अदालत ने 6 फरवरी 2026 को दिए आदेश में अमीरा प्योर फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर करण ए. चनाना और होल-टाइम डायरेक्टर अनीता डैंग को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। यह आदेश Fugitive Economic Offenders Act, 2018 के प्रावधानों के तहत पारित किया गया।

अदालत ने दोनों आरोपियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की कुल 123.85 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने के निर्देश भी दिए हैं। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय की याचिका के आधार पर की गई।

इंटरपोल का ‘Silver Notice’

ED के अनुरोध पर इंटरपोल ने करण चनाना के खिलाफ Silver Notice जारी किया है। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी संपत्तियों का पता लगाना और उन्हें फ्रीज करना है, ताकि कथित अवैध संपत्ति को सुरक्षित किया जा सके।

क्या है पूरा मामला?

यह केस केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एफआईआर से शुरू हुआ था। आरोप है कि अमीरा प्योर फूड्स और उसके प्रमोटरों ने कनारा बैंक के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम से करीब 1201.85 करोड़ रुपये का ऋण लिया।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस फंड का दुरुपयोग, डायवर्जन और धोखाधड़ी की गई, जिससे बैंकों को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। कंपनी मुख्य रूप से पैक्ड फूड और खासकर बासमती चावल के निर्यात के कारोबार में सक्रिय थी। वर्ष 2017 में यह लोन खाता NPA (Non-Performing Asset) घोषित कर दिया गया।

मनी लॉन्ड्रिंग जांच में क्या सामने आया?

ED की PMLA जांच में कथित तौर पर यह पाया गया कि फर्जी कंपनियों और जटिल लेन-देन के जरिए फंड को इधर-उधर किया गया। अब तक 21 व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की जा चुकी है। ED पूर्व में लगभग 131.51 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर चुका है, जिन्हें संबंधित प्राधिकरण से मंजूरी भी मिल चुकी है।

आरोपी विदेश में, NBW और LOC जारी

जांच एजेंसियों के मुताबिक, करण चनाना और अनीता डैंग देश छोड़ चुके हैं और उनके यूनाइटेड किंगडम तथा यूएई में होने की आशंका है। दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) और लुक-आउट सर्कुलर (LOC) जारी हैं। ED उनकी देश-विदेश में अन्य संपत्तियों की भी तलाश कर रही है।

सख्त संदेश

यह मामला बैंक धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों के खिलाफ प्रवर्तन एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। Fugitive Economic Offenders Act के तहत इस तरह की कार्रवाई आर्थिक अपराधियों पर दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से की जाती है।


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Ramanjot

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