UPI पर चार्ज लगेगा या नहीं? बजट 2026 ने खत्म कर दिया करोड़ों यूजर्स का डर

punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 08:33 PM (IST)

नेशनल डेस्क: पिछले कुछ समय से यूपीआई इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के मन में एक ही सवाल घूम रहा था कि क्या आने वाले दिनों में UPI पेमेंट पर चार्ज देना पड़ेगा? यह चिंता तब और बढ़ गई जब RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के “कुछ भी फ्री नहीं होता” वाले बयान को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगने लगीं। लोगों को डर था कि सरकार कहीं UPI ट्रांजैक्शन पर टैक्स या अतिरिक्त शुल्क न लगा दे।

लेकिन अब केंद्र सरकार ने यूनियन बजट 2026-27 में इस भ्रम पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने साफ शब्दों में कहा है कि सरकार UPI और RuPay डेबिट कार्ड को फ्री बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बजट 2026-27 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

UPI यूजर्स को मिलेगा सीधा फायदा

इस फैसले का सीधा फायदा आम यूजर्स को मिलेगा। छोटे-मोटे डिजिटल पेमेंट्स के लिए UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में यह भी स्पष्ट किया कि यह सब्सिडी बैंकों को दी जाती है, ताकि 2,000 रुपये से कम P2M (Person to Merchant) ट्रांजैक्शन और RuPay कार्ड पेमेंट्स पर MDR (Merchant Discount Rate) न वसूला जाए। गौरतलब है कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 2,196 करोड़ रुपये थी, यानी सरकार लगातार डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सपोर्ट कर रही है।

साइबर फ्रॉड पर भी बड़ी बात

एम नागराजू ने साइबर फ्रॉड को लेकर भी स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि बैंकों की वजह से होने वाले फ्रॉड 3% से भी कम हैं और अधिकतर मामलों में लापरवाही यूजर्स की तरफ से होती है। थोड़ी सी सतर्कता से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बैंकिंग सेक्टर पर सरकार का फोकस

सरकार बैंकिंग सेक्टर को और मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठा रही है। एनपीए ऐतिहासिक रूप से कम हैं,बैंकों का मुनाफा बढ़ा है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में FDI सीमा 20% से बढ़ाकर 49% करने पर विचार चल रहा है, ताकि कैपिटल बेस मजबूत हो सके।

हालांकि पेमेंट इंडस्ट्री का कहना है कि 2,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी पर्याप्त नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने फिलहाल साफ कर दिया है कि UPI पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। यह फैसला उन करोड़ों लोगों के लिए राहत की खबर है जो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए UPI पर निर्भर हैं।


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Ramanjot

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