रातभर तलाशते रहे परिजन... सुबह गड्ढे में बैंक अधिकारी की मिली लाश; पुलिस के रवैये पर उठे सवाल

punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 01:56 PM (IST)

नेशनल डेस्क : दिल्ली में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां देर रात ऑफिस से घर लौट रहे युवक कमल की खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह घटना नोएडा में पहले हुए एक समान हादसे की याद दिलाती है। कमल एक निजी बैंक के कॉल सेंटर में कार्यरत थे और पिछले तीन वर्षों से रोज एक ही रास्ते से घर आते-जाते थे।

देर रात घर नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश

बताया गया कि सोमवार रात वह रोहिणी स्थित दफ्तर से घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी परिवार से बातचीत होती रही और उन्होंने बताया था कि वह जल्द ही घर पहुंच जाएंगे। तय समय बीतने के बाद जब वह नहीं पहुंचे और फोन भी बंद हो गया, तो परिवार और दोस्तों ने उनकी खोज शुरू की। परिजनों का आरोप है कि वे कई थानों में गए, लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई और उन्हें इंतजार करने को कहा गया। परिवार का कहना है कि उन्होंने मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने की भी मांग की, पर उन्हें सीमित जानकारी ही दी गई।

सुबह मिला हादसे का पता

परिवार के मुताबिक सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस से सूचना मिली कि कमल एक गड्ढे में बाइक सहित गिरे पाए गए हैं। घटनास्थल पर पहुंचने पर उनकी मौत की पुष्टि हुई। परिजनों ने संबंधित एजेंसी की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराया है और कुछ ने साजिश की आशंका भी जताई है।

हादसे वाली जगह पर सुरक्षा इंतज़ाम पर सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर खुदाई के बाद गड्ढा खुला छोड़ दिया गया था। वहां न पर्याप्त रोशनी थी, न चेतावनी बोर्ड और न बैरिकेडिंग। इससे सुरक्षा इंतज़ामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि काम कर रही एजेंसी ने जरूरी सावधानियां क्यों नहीं बरतीं।

पुलिस और परिवार के दावे अलग-अलग

परिवार का कहना है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने सक्रियता नहीं दिखाई, जबकि पुलिस का दावा है कि सूचना मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। पुलिस के अनुसार रात में युवक की तलाश के लिए लोकेशन के आधार पर इलाके में खोज की गई, फोटो साझा की गई और सुबह सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। बाद में शव को गड्ढे से बाहर निकाला गया।

जांच जारी

फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें हादसा, लापरवाही या अन्य संभावनाओं को भी शामिल किया गया है। घटना ने शहर में सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर फिर से बहस छेड़ दी है।


 


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Content Editor

Mehak

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