All-Time High से सोना 35,000 रुपये सस्ता, चांदी 1.80 लाख रुपये आई नीचे, चेक करें 22/24 कैरेट Gold की नई कीमतें
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 02:24 PM (IST)
नेशनल डेस्क: बीते दिन बाजारों में देखी गई बड़ी गिरावट के बाद आज शुक्रवार को सराफा बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल है। वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते निवेशकों ने सुरक्षा के लिहाज से एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर रुख किया है। इसी का परिणाम है कि आज सोने और चांदी की कीमतों में 3% तक की रिकवरी दर्ज की गई है।
MCX पर उछाल: ₹1.48 लाख के पार पहुंचा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही खरीदारी का जोर दिखा। अप्रैल वायदा सोना ₹3,151 की बढ़त के साथ ₹1,48,105 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, चांदी में और भी तगड़ी तेजी देखी गई; मई वायदा चांदी ₹7,937 चढ़कर ₹2,39,397 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
प्रमुख शहरों में आज के खुदरा भाव (प्रति 10 ग्राम)
देश के अलग-अलग हिस्सों में 22 और 24 कैरेट सोने की कीमतें कुछ इस प्रकार हैं:
| शहर | 24 कैरेट सोना | 22 कैरेट सोना |
| दिल्ली | ₹1,50,420 | ₹1,37,890 |
| मुंबई / कोलकाता | ₹1,50,270 | ₹1,37,740 |
| बेंगलुरु / हैदराबाद | ₹1,50,270 | ₹1,37,740 |
| चेन्नई | ₹1,51,630 | ₹1,38,990 |
चांदी का हाल: दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में 1 किलो चांदी का भाव ₹2,59,900 है, जबकि चेन्नई में यह ₹2,64,900 के स्तर पर बिक रही है।
रिकवरी के बावजूद ऑल-टाइम हाई से अब भी काफी सस्ता
भले ही आज कीमतों में सुधार दिखा हो, लेकिन लंबी अवधि के नजरिए से सोना-चांदी अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तरों से काफी नीचे मिल रहे हैं।
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सोना: अपने ₹1,83,000 के उच्चतम स्तर से करीब 35,000 रुपये सस्ता है।
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चांदी: अपने ₹4,20,000 के रिकॉर्ड हाई से लगभग 1.80 लाख रुपये नीचे ट्रेड कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन अवसर हो सकती है। हालांकि, बाजार के जानकारों के अनुसार सोने के लिए ₹1.50 लाख से ₹1.52 लाख का स्तर एक कड़ा प्रतिरोध (Resistance) बना हुआ है।
बाजार में तेजी की मुख्य वजह
मोतीलाल ओसवाल के विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव में मामूली कमी की खबरों और कल की भारी बिकवाली के बाद हुई 'वैल्यू बाइंग' ने कीमतों को सहारा दिया है। हालांकि, डॉलर की मजबूती और ऊंचे ब्याज दरों का दबाव अभी भी बना हुआ है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
