AIIMS चीफ गुलेरिया बोले-भारत के बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत, समय आ गया अब खुलने चाहिए स्कूल

2021-07-20T16:55:03.123

नेशनल डेस्क: भारत में अभी कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। हालांकि देश में कोरोना की दूसरी लहर के बीच बड़ी संख्या में लोगों की वैक्सीनेशन हो चुका है। बच्चों को वैक्सीन लगनी अबी शुरू नहीं हुई है लेकिन जल्द ही उनके लिए वैक्सीनेशन शुरू हो सकता है। इन सबके बीच एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया का बड़ा बयान आया है। डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा कि देश को एक बार स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करना चाहिए। इंडिया टुडे के साथ बातचीत में डॉ गुलेरिया ने कहा कि भारत के बच्चों की इम्यूनिटी काफी मजबूत है और मैं सोचता हूं कि हमें स्कूलों को फिर से खोलने पर सहमत हो जाना चाहिए।

 

बता दें कि देश के ज्यादातर स्कूल कोरोना की पहली लहर से ही बंद हैं और बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं। डॉ गुलेरिया ने कहा कि मैं उन जिलों में स्कूलों को खोलने की बात कर रहा हूं, जहां कोरोना के मामले काफी कम हुए हैं। गुलेरिया ने कहा कि 5 प्रतिशत से कम पॉजिटिविटी रेट वाले स्थानों के लिए यह योजना बनाई जा सकती है। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि अगर फिर से संक्रमण फैलने के संकेत मिलते हैं तो स्कूलों को तुरंत बंद किया जा सकता है। लेकिन उससे पहले स्कूलों को खोलने पर विचार जरूर करना चाहिए। 

 

'बच्चों में इम्यूनिटी अच्छी'
डॉ गुलेरिया ने कहा कि स्कूल खोलने का मकसद बच्चों को एक सामान्य जीवन देना ही नहीं बल्कि एक बच्चे के विकास के लिए उसका स्कूल जाना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर गौर किया जाए तो भारत में बच्चे बहुत कम कोरोना संक्रमित हुए हैं। जो बच्चे इस वायरस का शिकार हुए भी वो इम्युनिटी अच्छी होने की वजह से खुद ठीक हो गए।

 

डॉ गुलेरिया ने कहा कि सीरो सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है कि बच्चों के पास एंटीबॉडीज वयस्क लोगों की अपेक्षा ज्यादा बेहतर है, इसलिए स्कूल खोले जाने चाहिए। इंटरनेट के जरिए पढ़ाई उतनी आसान नहीं है जितनी की स्कूलों में होती है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन का बच्चों पर ट्रायल चल रहा है। उम्मीद है कि DCGI से 
2 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए टीकों की मंजूरी सितंबर तक मिल जाएगी।


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Content Writer

Seema Sharma

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