''अपनी बहन की लाश ले जाओ...'', 27 साल की SWAT कमांडो की पति ने की निर्मम हत्या, भाई फोन पर सुनता रहा चीखें
punjabkesari.in Thursday, Jan 29, 2026 - 10:05 PM (IST)
नई दिल्लीः दिल्ली में 27 वर्षीय महिला स्वाट कमांडो की उसके पति द्वारा कथित तौर पर की गई निर्मम हत्या से पहले के क्षण और भी भयावह थे, जब पीड़िता का भाई फोन पर अपनी बहन की चीखें सुनकर भी कुछ नहीं कर पाया। मृतका काजल चौधरी के भाई निखिल ने 22 जनवरी की उस भयावह घटना के बारे में कांपती आवाज में बताया, जब काजल के पति अंकुर ने कथित तौर पर भारी डम्बल से उसके सिर पर वार किया था।
उन्होंने कहा, "उसने (अंकुर ने) मुझे फोन पर बातचीत को रिकॉर्ड करने को कहा, और कहा कि इसे पुलिस द्वारा सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। (फिर) उसने मुझे बताया कि वह उसे (काजल को) मार रहा है। और फिर, मैंने उसकी चीखें सुनीं।" दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ में तैनात काजल, हमले के समय मोहन गार्डन स्थित अपने आवास पर थीं और वह चार महीने की गर्भवती थी। रक्षा मंत्रालय में क्लर्क उसके पति अंकुर को हमले के कुछ घंटों बाद गिरफ्तार कर लिया गया। वह दिल्ली छावनी में तैनात था। काजल ने पांच दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद, 27 जनवरी की सुबह गाजियाबाद के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया।
संसद मार्ग थाने में तैनात कांस्टेबल निखिल ने मीडिया को बताया कि घटनाक्रम अंकुर द्वारा फोन किए जाने के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा, “उसने मुझे फोन किया और कहा, 'अपनी बहन को समझा ले'। मैंने उसे शांत होने के लिए कहा और तुरंत अपनी बहन का नंबर मिलाया।” निखिल ने बताया, “वह (काजल) आम तौर पर हमें अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताती थी, लेकिन उस दिन वह अपनी आपबीती सुना रही थी। जब हम बात कर रहे थे, तो वह (अंकुर) इस बात से नाराज हो गया कि वह मुझे बातें क्यों बता रही है और उसने उससे फोन छीन लिया।” उन्होंने कहा, “फिर उसने मुझसे कहा, इस कॉल को रिकॉर्डिंग पर रख, पुलिस ‘एविडेंस' (सबूत) में काम आएगा। मैं तेरी बहन को मार रहा हूं। पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाएगी। फिर मैंने उसकी (काजल की) चीखें सुनीं। फोन अचानक कट गया।”
निखिल के मुताबिक, लगभग पांच मिनट बाद उनका फोन फिर बजा और "उसने (अंकुर ने) कहा, 'ये मर गई है। अस्पताल आ जाओ।' इसके बाद हम पुलिसकर्मियों के साथ तुरंत वहां पहुंचे। वह और उसके परिवार के सदस्य पहले से ही मौजूद थे। जब मैंने अपनी बहन को देखा... दुश्मन भी किसी को इस तरह नहीं मारता।"
परिवार के अनुसार, काजल का सिर बुरी तरह से कुचला गया था और उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे। निखिल ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन को कई अस्पतालों में भर्ती कराने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि उसके बचने की संभावना बहुत कम है। अंततः उसे गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। परिवार ने अंकुर और उसके रिश्तेदारों पर गर्भावस्था के दौरान काजल को लंबे समय तक यातना देने और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
दंपति का डेढ़ साल का एक बेटा है, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ है। निखिल ने कहा, “उनके बेटे को इस घटना के बारे में कुछ भी पता नहीं है, और हमने फैसला किया है कि हम ही उसकी परवरिश करेंगे। जब वह समझदार हो जाएगा और ऐसी बातें समझने लगेगा, तब हम उसे बताएंगे।" यह दंपति पानीपत में कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे को जानता था और 23 नवंबर, 2023 को उनकी शादी हुई थी। परिवार के अनुसार, हरियाणा के गन्नौर स्थित अपने पैतृक घर में लगातार झगड़ों के कारण, वे दिसंबर 2024 में पश्चिमी दिल्ली के मोहन गार्डन में किराए के मकान में रहने चले आए। हालांकि, लड़ाई-झगड़े जारी रहे। पुलिस ने बताया कि आर्थिक तंगी और घरेलू झगड़े भी तनाव का कारण थे।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "दंपति ने कुछ कर्ज ले रखा था और अक्सर पैसों और घर खर्च को लेकर उनके बीच बहस होती रहती थी।" दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘ अंकुर ने पहले काजल का सिर चौखट से दे मारा और उसके बाद डम्बल से उस पर हमला किया।'' निखिल की शिकायत के आधार पर मोहन गार्डन थाने में मामला दर्ज किया गया। अधिकारी ने बताया, "शुरू में उस पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। उसकी मौत के बाद, इसे हत्या के मामले में बदल दिया जाएगा।"
