जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज, 6 महीने बाद गुपकार गठबंधन ने की बैठक

6/10/2021 11:01:04 AM

नेशनल डेस्क: जम्मू कश्मीर में एक बार फिर राजनीतक हलचलें तेज होती दिखाई दे रही है। पीपुल्स अलायंस ऑफ गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गठबंधन के नेताओं के साथ बुधवार को एक बैठक की। करीब छह महीने बाद हुई बैठक के बाद पीएजीडी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए संघर्ष में उसने अपने सभी ‘‘विकल्प’’ खुले रखे हैं। 

 

महबूबा मुफ्ती के आवास पर हुई बैठक
पीएजीडी के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि हमने कोई भी विकल्प बंद नहीं किया है। केंद्र जब भी हमें  वार्ता के लिए आमंत्रित करते हैं, हम इस पर चर्चा करेंगे।’’ बैठक पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के आवास पर हुई। गठबंधन की पिछले वर्ष दिसंबर के बाद यह पहली बैठक है। उस वक्त जिला विकास परिषद् के चुनावों पर चर्चा के लिए बैठक हुई थी।

 

हम अपनी मांगो पर अडिग: अब्दुल्ला
 इस वर्ष की शुरुआत में सज्जाद लोन के नेतृत्व वाले पीपुल्स कांफ्रेंस के गठबंधन से बाहर होने के बाद यह बैठक हुई है। लोन गठबंधन के प्रवक्ता थे। पीएजीडी ने बुधवार की बैठक के बाद माकपा के वरिष्ठ नेता मोहम्मद यूसुफ तारीगामी को अपना प्रवक्ता नामित किया। जम्मू-कश्मीर के और बंटवारे के कयासों के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि पीएजीडी के नेताओं को उतना ही पता है जितना आम आदमी को। नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हमने भी आपकी ही तरह अफवाहों के बारे में सुना है। हमें नहीं पता है लेकिन हम अडिग हैं और विश्वास है कि अल्लाह हमारी हिफाजत करेगा।’’


पिछले वर्ष हुआ था पीएजीडी का गठन
अब्दुल्ला ने कहा कि पांच अगस्त 2019 के बाद केंद्र द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों को राजनीतिक दलों ने चुनौती दी है और हम कानूनी विकल्प को जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण गठबंधन राजनीतिक रूप से बहुत कुछ नहीं कर सका। यह पूछने पर कि अगर केंद्र सरकार ने संघ शासित प्रदेश का और बंटवारा किया तो क्या वह संसद से इस्तीफा दे देंगे तो क्षुब्ध अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘नहीं। पीएजीडी जम्मू-कश्कीर की कई मुख्य धारा की पार्टियों का गठबंधन है। जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल करने के लिए पिछले वर्ष इसका गठन हुआ था। केंद्र सरकार ने पांच अगस्त 2019 को राज्य के विशेष दर्जे के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त कर दिया था।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

vasudha

Recommended News

static