भारत टैक्सी: सहकारी मॉडल के जरिए टैक्सी सेवा में नई क्रांति
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 12:59 PM (IST)
नेशनल डेस्क: भारत में परिवहन व्यवस्था लगातार बदल रही है। बढ़ती आबादी, यातायात की जटिलता और तेज़ी से बढ़ती डिजिटल सेवाओं ने यात्रा के तरीकों को नया रूप दिया है। पिछले कुछ वर्षों में ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं ने लोगों की यात्रा को आसान बनाया है, लेकिन इनके साथ कई चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। इन चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में भारत टैक्सी (सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड) एक नई पहल के रूप में सामने आई है।
भारत टैक्सी एक सहकारी-आधारित राष्ट्रीय टैक्सी बुकिंग सेवा है, इस योजना की पहल मार्च 2025 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी द्वारा की गई थी और इसका औपचारिक शुभारंभ 5 फरवरी 2026 को किया गया। इस पहल का उद्देश्य टैक्सी सेवा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाना, चालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और यात्रियों को विश्वसनीय व किफायती सेवा प्रदान करना है। यह परियोजना माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के “सहकार से समृद्धि” के विचार से प्रेरित है, जिसमें सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक विकास और सामाजिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है।
भारत के टैक्सी सेवा क्षेत्र की चुनौतियाँ
भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित टैक्सी सेवाओं ने पिछले दशक में तेज़ी से विस्तार किया है। बड़े शहरों में लाखों लोग प्रतिदिन इन सेवाओं का उपयोग करते हैं। हालांकि इन प्लेटफॉर्मों ने यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया है, लेकिन टैक्सी चालकों और यात्रियों दोनों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इनमें प्रमुख समस्याएँ हैं:
प्लेटफॉर्म कंपनियों द्वारा उच्च कमीशन शुल्क,सर्ज प्राइसिंग के कारण किराए में अचानक वृद्धि,चालकों की आय में अनिश्चितता,निर्णय लेने की प्रक्रिया में चालकों की सीमित भागीदारी इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सहकारिता पर आधारित एक नई व्यवस्था की आवश्यकता महसूस की गई, जिससे चालक और उपभोक्ता दोनों को अधिक लाभ मिल सके।
सहकारी मॉडल की अवधारणा
भारत टैक्सी को बहुराज्यीय सहकारी संस्था के रूप में स्थापित किया गया है। इसका अर्थ यह है कि इस प्लेटफॉर्म का संचालन किसी निजी कंपनी द्वारा नहीं बल्कि सहकारी संरचना के माध्यम से किया जाएगा। इस मॉडल में टैक्सी चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं होंगे बल्कि वे इस प्रणाली के सह-स्वामी भी बनेंगे।
इस पहल को भारत की प्रमुख सहकारी संस्थाओं का समर्थन प्राप्त है, जिनमें Amul, Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited (IFFCO), National Bank for Agriculture and Rural Development (NABARD), National Agricultural Cooperative Marketing Federation of India (NAFED) और Krishak Bharati Cooperative Limited (KRIBHCO) जैसी संस्थाएँ शामिल हैं। इन संस्थाओं की भागीदारी इस परियोजना को एक मजबूत सहकारी आधार प्रदान करती है और इसे देश की सहकारी परंपरा से जोड़ती है।
चालक होंगे ‘सारथी’
भारत टैक्सी से जुड़े चालकों को “सारथी” कहा जाएगा। इस नाम के पीछे यह विचार है कि चालक केवल वाहन चलाने वाला व्यक्ति नहीं बल्कि यात्रियों को सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा प्रदान करने वाला मार्गदर्शक भी है।
सारथियों को कई प्रकार के लाभ दिए जाएंगे, जैसे:
सहकारी सदस्यता के माध्यम से स्वामित्व का अधिकार,कमीशन-मुक्त आय मॉडल, सहकारी ऋण और बीमा योजनाएँ,कौशल विकास और डिजिटल प्रशिक्षण,वार्षिक लाभांश में भागीदारी इस व्यवस्था से चालकों की आय में स्थिरता आएगी और उन्हें अपने कार्य पर अधिक नियंत्रण भी मिलेगा।
यात्रियों के लिए लाभ
भारत टैक्सी यात्रियों को सुरक्षित, किफायती और विश्वसनीय परिवहन सेवा प्रदान करने का लक्ष्य रखती है। यात्रियों को प्रशिक्षित और सत्यापित चालकों के साथ यात्रा करने का अवसर मिलेगा। दिल्ली में इस सेवा के पायलट चरण के दौरान प्रमुख स्थानों जैसे हवाई अड्डों, बस टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों पर प्रीपेड राइड बुकिंग बूथ स्थापित किए गए हैं। इन बूथों पर यात्रियों को तत्काल बुकिंग और सहायता उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी प्रणाली और आपातकालीन सहायता व्यवस्था भी उपलब्ध है।
महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण
महिला यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारत टैक्सी ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके अंतर्गत महिला यात्रियों को महिला चालक चुनने का विकल्प मिलेगा। इस योजना के तहत महिला चालकों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और इलेक्ट्रिक वाहनों की सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रारंभिक चरण में दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों में महिला चालकों को इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भविष्य में इस कार्यक्रम का विस्तार कर अधिक संख्या में महिला चालकों को इस सेवा से जोड़ने की योजना है।
समावेशी परिवहन व्यवस्था
भारत टैक्सी का लक्ष्य केवल व्यावसायिक सेवा प्रदान करना नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों को सुलभ परिवहन उपलब्ध कराना भी है। इसी उद्देश्य से कई विशेष पहलें शुरू की गई हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से अनुकूलित वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिनमें रैंप और अन्य सुविधाएँ होंगी। छात्रों और निम्न आय वर्ग के यात्रियों के लिए रियायती किराए की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त अस्पतालों के चालकों को कुछ लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा ।
लाखों यात्राओं के साथ बढ़ता भारत टैक्सी नेटवर्क
वर्तमान में भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से लगभग 4 लाख चालक (सारथी) ऑनबोर्ड हो चुके हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में इस सेवा को आगे बढ़ा रहे हैं। यह संख्या दिखाती है कि सहकारी मॉडल के प्रति चालकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। वहीं अब तक 23.06 लाख से अधिक यात्री ग्राहक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुड़ चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। इससे साफ है कि भारत टैक्सी धीरे-धीरे परिवहन में एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर रही है।
भविष्य की संभावनाएँ
भारत टैक्सी की शुरुआत दिल्ली में पायलट परियोजना के रूप में की गई है। आने वाले समय में इसे देश के अन्य महानगरों और राज्यों में विस्तार देने की योजना है। इस पहल का लक्ष्य लाखों चालकों को सहकारी ढांचे से जोड़ना और शहरी परिवहन को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और टिकाऊ बनाना है।
