8th Pay Commission: लेवल-1 से लेवल-18 तक सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, Salary में हो सकता है बड़ा बदलाव

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 03:55 PM (IST)

नेशनल डेस्क: केंद्रीय कर्मचारियों के गलियारों में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा 8th Pay Commission' और 'fitment factor' की है। नवंबर में आयोग के गठन की अधिसूचना के बाद से ही कयासों का बाजार गर्म है। हालांकि नई व्यवस्था को लागू होने में अभी वक्त है (संभावित 2027-28), लेकिन आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसका पूरा दारोमदार 'फिटमेंट फैक्टर' नामक गणितीय जादुई अंक पर टिका है।

क्या है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है इस पर रार?
आसान भाषा में कहें तो फिटमेंट फैक्टर वह 'मल्टीप्लायर' है जिससे आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई सैलरी तय की जाती है। 7th Pay Commission में यह 2.57 था। अब 'फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस' (FNPO) ने मांग रखी है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे 3 से 3.5 के बीच रखा जाए। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इसे 2 के आसपास रख सकती है।

गणित का मुकाबला: फैक्टर '2' बनाम फैक्टर '3'
अगर हम pay matrix के विभिन्न स्तरों पर इसके असर को देखें, तो तस्वीर कुछ ऐसी नजर आती है:

कर्मचारी स्तर (Level) वर्तमान बेसिक पे फैक्टर '2' होने पर नई बेसिक फैक्टर '3' होने पर नई बेसिक
लेवल-1 (एंट्री स्टाफ) ₹18,000 ₹36,000 ₹54,000
लेवल-10 (अधिकारी) ₹56,100 ₹1,12,200 ₹1,68,300
लेवल-18 (कैबिनेट सचिव) ₹2,50,000 ₹5,00,000 ₹7,50,000

स्पष्ट है कि अगर सरकार फैक्टर 3 की मांग मान लेती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में 'बंपर' उछाल आएगा। वहीं फैक्टर 2 की स्थिति में भी वेतन दोगुना हो जाएगा, लेकिन कर्मचारी संगठनों के लिए यह शायद ही संतोषजनक हो।

25 फरवरी: उम्मीदों का बड़ा दिन
इस पूरी बहस के बीच 25 फरवरी की तारीख बेहद अहम होने वाली है। इस दिन 'नेशनल काउंसिल जॉइंट मॉनिटरिंग कमेटी' (NCJMC) की एक बड़ी बैठक प्रस्तावित है। इस मीटिंग में कर्मचारी संगठनों की मांगों का एक अंतिम मसौदा तैयार किया जाएगा, जिसे बाद में 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा।

पेंशनभोगियों के लिए भी खुशखबरी
यह बदलाव सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। फिटमेंट फैक्टर में होने वाली कोई भी बढ़ोतरी सीधे तौर पर लाखों पेंशनभोगियों की मासिक आय को भी प्रभावित करेगी। FNPO की 60 पन्नों की रिपोर्ट में पे-मैट्रिक्स के साथ-साथ भत्तों के पुनर्गठन का भी सुझाव दिया गया है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anu Malhotra

Related News