8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी खबर, क्या 51,000 पार होगी बेसिक सैलरी?

punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 08:03 AM (IST)

नेशनल डेस्क: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट ने अगले वेतन आयोग यानी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की रूपरेखा को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने न केवल इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, बल्कि आयोग के गठन के साथ इसके मुख्य चेहरों का चुनाव भी कर लिया है। इस नए आयोग के फैसलों का सीधा असर देश के लगभग 1.2 करोड़ परिवारों पर पड़ेगा, जो सरकारी नौकरी या पेंशन से जुड़े हैं।

इन दिग्गजों के हाथों में है आपकी सैलरी की कमान

सरकार ने इस बार वेतन समीक्षा की जिम्मेदारी अनुभवी हाथों में सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को इस आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ ही आईआईएम बैंगलोर के प्रोफेसर पुलक घोष अंशकालिक सदस्य के रूप में और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन सदस्य-सचिव के तौर पर अपनी भूमिका निभाएंगे। यह टीम अब तय करेगी कि आने वाले समय में महंगाई और काम के दबाव को देखते हुए कर्मचारियों की जेब में कितना इजाफा होना चाहिए।

कब से लागू होगा नया वेतन ढांचा?

अगर हम पुराने रिकॉर्ड को देखें, तो 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुई थीं। सरकार की नीति के अनुसार हर 10 साल में सैलरी स्ट्रक्चर बदला जाता है। इस हिसाब से 1 जनवरी 2026 वह तारीख हो सकती है, जब से 8वें वेतन आयोग के प्रावधान लागू होंगे। फिलहाल आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सिफारिशें देने की प्रक्रिया में है।

फिटमेंट फैक्टर का गणित: क्या 18,000 की सैलरी सीधे 51,000 पार होगी?

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है, जबकि रिटायर लोगों को कम से कम 9,000 रुपये पेंशन मिलती है। सबसे ऊंचे पदों पर यह वेतन 2.5 लाख रुपये तक जाता है। अब चर्चा इस बात की है कि नया 'फिटमेंट फैक्टर' क्या होगा?

जानकारों का मानना है कि सरकार इस बार फिटमेंट फैक्टर को 2.86 तय कर सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो न्यूनतम वेतन में करीब 186 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि देखने को मिल सकती है। इस कैलकुलेशन के हिसाब से 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर सीधे 51,480 रुपये हो सकती है। हालांकि, कर्मचारी यूनियनें और भी ज्यादा उम्मीदें लगाए बैठी हैं। उनकी मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को 3 के स्तर पर रखा जाए, जिससे न्यूनतम वेतन 54,000 रुपये तक पहुंच सकता है।

 


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Content Editor

Anu Malhotra

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