8th Pay Commission: कर्मचारियों की बड़ी मांगें, सैलरी और इंक्रीमेंट में हो सकता है बड़ा बदलाव

punjabkesari.in Friday, May 22, 2026 - 02:05 PM (IST)

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8th Central Pay Commission को लेकर चर्चाएं अब और तेज हो गई हैं। सरकार इस समय अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से सुझाव और राय ले रही है। इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने कुछ अहम मांगें सरकार के सामने रखी हैं, जिन पर अगर सहमति बनती है तो वेतन ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कर्मचारी संगठनों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि वेतन संशोधन की प्रक्रिया हर 10 साल की जगह हर 5 साल में की जाए। उनका कहना है कि महंगाई तेजी से बढ़ रही है, इसलिए सैलरी रिवीजन में देरी नहीं होनी चाहिए और इसे समय-समय पर अपडेट किया जाना जरूरी है।

Annual Increment को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव
इसके साथ ही संगठनों ने Annual Increment को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि मौजूदा इंक्रीमेंट दर बढ़ती महंगाई के मुकाबले काफी कम है, जिससे कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। एक और बड़ी मांग वेतन संरचना को सरल बनाने को लेकर है। कर्मचारियों ने सुझाव दिया है कि अलग-अलग pay levels को मिलाकर एक आसान और Transparent System बनाया जाए ताकि वेतन व्यवस्था अधिक समझने योग्य और प्रभावी हो सके।

लेवल-1 कर्मचारियों का शुरुआती मासिक वेतन करीब 69,000 रुपए
minimum wage को लेकर भी संगठनों ने बड़ा प्रस्ताव दिया है। उनका कहना है कि लेवल-1 कर्मचारियों का शुरुआती मासिक वेतन करीब 69,000 रुपए किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके और सरकारी नौकरियों में योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित किया जा सके। कर्मचारी संगठनों का यह भी तर्क है कि वेतन पर होने वाला खर्च सरकार के लिए बोझ नहीं बल्कि एक निवेश है। उनका मानना है कि जब कर्मचारियों की आय बढ़ती है, तो उनकी खरीद क्षमता भी बढ़ती है, जिससे बाजार में मांग बढ़ती है और अंततः सरकार को Tax के रूप में अधिक Revenue मिलता है।

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि New Pay Commission लागू होने पर सरकार के खर्चों में बढ़ोतरी तय है, क्योंकि वर्तमान में सरकार अपने बजट का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा वेतन, भत्तों और पेंशन पर खर्च करती है। सूत्रों के अनुसार, 8th Pay Commission को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सिफारिशें देने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही नई वेतन संरचना पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। 


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Content Editor

Anu Malhotra

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