एयर इंडिया के 70% विमानों में बार-बार तकनीकी खामी: केंद्र ने संसद में पेश किए आंकड़े

punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 01:02 AM (IST)

नेशनल डेस्कः संसद में पेश किए गए आधिकारिक आंकड़ों से बड़ा खुलासा हुआ है कि एयर इंडिया ग्रुप के हर 10 में से 7 से ज्यादा विमानों में बार-बार तकनीकी खामियां पाई गई हैं। इस वजह से आवर्ती दोषों के मामले में एयर इंडिया ग्रुप भारतीय एयरलाइनों की सूची में सबसे ऊपर है।

यह जानकारी गुरुवार को लोकसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने लिखित जवाब में दी।

एयर इंडिया ग्रुप की स्थिति क्या है?

जनवरी 2024 से अब तक DGCA की जांच में एयर इंडिया ग्रुप के कुल 267 विमानों की समीक्षा की गई। इनमें से 191 विमानों में बार-बार आने वाले तकनीकी दोष मिले। ग्रुप के भीतर तस्वीर इस तरह है: एयर इंडिया: 166 विमानों में से 137 में आवर्ती खामियां और एयर इंडिया एक्सप्रेस: 101 में से 54 विमानों में बार-बार दोष।

एयर इंडिया ने क्या सफाई दी?

एयर इंडिया के एक अधिकारी ने कहा: “हमने पूरी सावधानी बरतते हुए पूरे बेड़े की गहन जांच कराई, इसलिए दोषों की संख्या ज्यादा दिख रही है।” एक वरिष्ठ अधिकारी ने आगे समझाया कि विमानों के उपकरणों को A, B, C और D चार श्रेणियों में बांटा जाता है। तत्कालता और सुरक्षा के आधार पर।

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया में ज्यादातर समस्याएं कैटेगरी-D की हैं, जिनमें शामिल हैं: सीटें, ट्रे टेबल, सीट के पीछे लगी स्क्रीन और केबिन के अंदरूनी उपकरण। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि: “ये खामियां विमान की उड़ान सुरक्षा से संबंधित नहीं हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि नैरो-बॉडी विमानों के रेट्रोफिट (अपग्रेड) कार्यक्रम के अगले दो वर्षों में लागू होने के बाद ये समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।

पूरे विमानन उद्योग की तस्वीर

DGCA ने कुल 6 अनुसूचित एयरलाइनों के 754 विमानों की जांच की। इनमें से 377 विमानों में बार-बार तकनीकी खामियां पाई गईं।

अन्य एयरलाइनों की स्थिति

  • IndiGo:

    • 405 विमानों की जांच

    • 3 फरवरी 2025 तक 148 विमानों में आवर्ती दोष

  • SpiceJet:

    • 43 विमानों की समीक्षा

    • 16 विमानों में खामियां

  • Akasa Air:

    • 32 विमानों की जांच

    • 14 विमानों में बार-बार तकनीकी समस्या

DGCA की निगरानी और सुरक्षा जांच

पिछले साल DGCA ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा निगरानी की, जिसमें शामिल हैं:

योजनाबद्ध (Planned) जांचें:

  • 3,890 सर्विलांस इंस्पेक्शन

  • 56 रेगुलेटरी ऑडिट

  • 84 विदेशी विमानों की जांच

  • 492 रैंप इंस्पेक्शन

अचानक (Unplanned) जांचें:

  • 874 स्पॉट चेक

  • 550 नाइट सर्विलांस इंस्पेक्शन

इससे साफ है कि विमानन सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

DGCA में स्टाफ बढ़ाया गया

सरकार ने संसद को बताया कि 2022 में DGCA में 637 तकनीकी पद मंजूर थे। अब इन्हें बढ़ाकर 1,063 पद कर दिया गया है। यह कदम विमानन सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने के लिए उठाया गया है।


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Content Writer

Pardeep

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