Ajit Pawar Death: 45 साल का सियासी तजुर्बा और 6 बार डिप्टी सीएम: विमान दुर्घटना ने छीना महाराष्ट्र का सबसे अनुभवी चेहरा
punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 11:18 AM (IST)
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। यह दुखद घटना उनके गृह नगर बारामती के पास लैंडिंग के दौरान हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विमान में सवार अजित पवार समेत सभी 5 लोगों की इस हादसे में जान चली गई है। अजित पवार न केवल एक अनुभवी राजनेता थे, बल्कि महाराष्ट्र की सत्ता के 'चाणक्य' भी माने जाते थे। उनका जाना राज्य की राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

सियासी सफर: चाचा की उंगली थामकर बने 'बेताज बादशाह'
अजित पवार का जन्म जुलाई 1959 को अहमदनगर में हुआ था। उन्होंने 1982 में अपने चाचा, दिग्गज नेता शरद पवार के मार्गदर्शन में राजनीति में कदम रखा। बारामती से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले 'अजित दादा' ने बहुत जल्द अपनी प्रशासनिक क्षमता और जमीनी पकड़ से पार्टी (NCP) में खुद को स्थापित कर लिया। उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो 1991 में पहली बार बारामती से सांसद चुने गए, लेकिन चाचा के लिए सीट खाली कर दी। 1995 से 2024 तक लगातार 7 बार बारामती से विधायक चुने गए। वे अपने करियर में 6 बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे, जो उनकी राजनीतिक अहमियत को दर्शाता है।

फैमिली बैकग्राउंड और शिक्षा
अजित पवार के पिता अनंतराव पवार फिल्म जगत से जुड़े थे और मशहूर वी. शांताराम के स्टूडियो में कार्यरत थे। कॉलेज के दौरान पिता के निधन के बाद अजित पवार ने अपनी पढ़ाई छोड़कर परिवार और खेती-बाड़ी की जिम्मेदारी संभाली, जिसके बाद वे पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हो गए। उनका विवाह सुनेत्रा पवार से हुआ और उनके दो बेटे, पार्थ और जय पवार हैं।

2022 में शिंदे गुट के साथ मिलाया हाथ
साल 2022-23 में महाराष्ट्र की सियासत ने तब करवट ली जब अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर बीजेपी-शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ हाथ मिलाया। उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पर अपना दावा मजबूत किया और चुनाव आयोग ने उनके गुट को असली पार्टी के रूप में मान्यता दी।"अजित पवार की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में थी जो काम को समय पर पूरा करने और कड़े फैसले लेने के लिए जाने जाते थे।"
