CCTV में कैद हुई Live मौ'त: टेटनस वैक्सीन लगवाने के कुछ ही मिनटों बाद 17 साल की लड़की ने तोड़ा दम, स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप
punjabkesari.in Friday, Jun 26, 2026 - 12:25 PM (IST)
Td vaccine death: महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां म्युनिसिपल इम्यूनाइज़ेशन कैंप में टेटनस और डिप्थीरिया (Td) का टीका लगवाने के कुछ ही देर बाद 17 वर्षीय एक छात्रा की मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी है और एहतियात के तौर पर संबंधित वैक्सीन बैच के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, उसे दोपहर करीब 12.40 बजे बूस्टर डोज़ दी गई थी। इसके तुरंत बाद, उसे चक्कर आने की शिकायत हुई और वह वैक्सीनेशन कैंप के पास एक मेडिकल शॉप के पास गिर गई। इलाके से सामने आए CCTV फुटेज में लड़की सड़क पर बेहोश होकर गिरती हुई दिख रही है।
मौत वैक्सीन की वजह से हुई- परिवार का आरोप
चश्मदीदों के मुताबिक, गिरने से उसके सिर में भी चोट आई और उसे तुरंत ज़िला सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके परिवार ने आरोप लगाया है कि मौत वैक्सीन की वजह से हुई है और ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
अधिकारियों ने बताया कि उसी वैक्सीन शीशी (vial) का इस्तेमाल कैंप में छह अन्य लोगों के लिए भी किया गया था, जिनमें चार गर्भवती महिलाएं, एक 16 साल की लड़की और एक 10 साल का लड़का शामिल था; इनमें से किसी को भी कोई बुरा असर नहीं हुआ। हालांकि, एहतियात के तौर पर उस बैच पर रोक लगा दी गई है और सैंपल लैब टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं।
पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है और फोरेंसिक जांच के लिए विसरा सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं। पुलिस ने अंबड पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज किया है और आगे की जांच चल रही है। म्युनिसिपल हेल्थ डिपार्टमेंट के मुताबिक, उस बैच से 24 शीशियां मिली थीं, जिनमें से अब तक 12 का इस्तेमाल हो चुका है। आम तौर पर एक शीशी से लगभग 10 डोज़ दी जा सकती हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसी सेंटर से लगभग 120 लोगों को वैक्सीन दी गई है और किसी में भी कोई बुरा असर नहीं देखा गया।
Heartbreaking news from Nashik. 💔
— Faiyyaz〽️Kazi (@KaziFaiyyaz) June 25, 2026
On 24 June, 17 year old Shravani Anil Patil reportedly collapsed shortly after receiving a routine Td (Tetanus-Diphtheria) vaccine during a municipal immunisation drive. Despite being rushed to the hospital, she could not be saved.
The…
नासिक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का वैक्सीनेशन कैंप जहां लड़की को टीका लगाया गया था। नासिक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर डॉ. विजय देवकर ने कहा कि Td वैक्सीन टेटनस और डिप्थीरिया से बचाती है और किशोरों व गर्भवती महिलाओं को रूटीन तौर पर दी जाती है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन को सुरक्षित माना जाता है और हर साल बड़ी संख्या में लोगों को दी जाती है, हालांकि कभी-कभार होने वाले बुरे असर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फाइनल रिपोर्ट से मौत की असली वजह पता चलेगी
डॉ. देवकर ने एक बयान में कहा, "यह वैक्सीन 10 साल के बच्चों, 16 साल के किशोरों और गर्भवती महिलाओं को दी जाती है। अकेले नासिक में हर साल लगभग 30,000 गर्भवती महिलाओं और इतनी ही संख्या में किशोरों को यह वैक्सीन दी जाती है।" उन्होंने कहा कि मौत की असली वजह का पता तभी चलेगा जब पुलिस पंचनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैक्सीन सैंपल की जांच और विसरा रिपोर्ट जैसी सभी रिपोर्टों की समीक्षा कर ली जाएगी।
एक अधिकारी ने कहा, "फाइनल रिपोर्ट से मौत की असली वजह पता चलेगी। फिलहाल, अंबाद पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) का मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।" इसके अलावा, डॉ. देवकर ने जनता और मीडिया से अपील की कि वे बिना पुष्टि किए दावे न फैलाएं। उन्होंने बताया कि कुछ रिपोर्टों में गलत तरीके से यह कहा गया था कि यह वैक्सीन कैंसर से बचाव या किसी अन्य असंबंधित इलाज से जुड़ी है।
उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से जुड़े कोऑर्डिनेटर्स को भी जानकारी दे दी गई है और उन्होंने शुरुआती जानकारी इकट्ठा कर ली है। इस घटना की जांच के लिए AEFI (टीकाकरण के बाद होने वाले प्रतिकूल प्रभाव) कमेटी को एक्टिवेट किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हेल्थ डायरेक्टर के ऑफिस में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई, जिसकी रिपोर्ट पुणे हेडक्वार्टर और उसके बाद राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
