असम में 15 साल की लड़की के कथित रे''प और ह''त्या के आरोप में 3 किशोर गिरफ्तार
punjabkesari.in Tuesday, Aug 04, 2026 - 08:58 AM (IST)
असम: असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में 15 साल की लड़की के कथित रेप और मर्डर के आरोप में तीन किशोरों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें एक 17 साल का लड़का भी शामिल है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता का आरोपियों में से एक के साथ कथित तौर पर रिश्ता था। शनिवार रात असम के हैलाकांडी ज़िले में नेशनल हाईवे-6 के पास लड़की अपने घर में मृत पाई गई। परिवार का आरोप है कि उसका रेप किया गया और बेरहमी से हत्या कर दी गई।
पुलिस ने बताया कि रविवार को शुरुआती तौर पर पांच युवकों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन सोमवार तक 17 से 19 साल की उम्र के तीन किशोरों को गिरफ़्तार कर लिया गया। हैलाकांडी के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) अमिताभ सिन्हा ने कहा, "उनमें से एक साढ़े 17 साल का है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने कोर्ट से अपील की है कि उस पर एक बालिग की तरह मुक़दमा चलाया जाए।"
यह घटना शनिवार रात 11 बजे कटलीचेरा पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले आलोइचोरा इलाके में हुई। पीड़िता के परिवार ने बताया कि उस समय वे पास ही एक रिश्तेदार के घर दावत में गए हुए थे। पीड़िता की मां ने कहा, "वह भी दावत में थी, लेकिन एक कजिन से बहस के बाद वह रात 10.30 बजे घर चली गई। हमने सोचा कि बाद में उसके लिए कुछ खाना ले आएंगे, लेकिन जब हम करीब एक घंटे बाद घर पहुंचे, तो उसकी लाश देखकर हमारे होश उड़ गए।"
उन्होंने बताया कि उसकी लाश फर्श पर पड़ी थी और उसे पहचानना भी मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा, "यह बहुत भयानक था, कोई इंसान दूसरे इंसान, एक छोटी बच्ची के साथ इतनी बेरहमी से कैसे पेश आ सकता है?" साथ ही उन्होंने आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की। पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने हमले के बाद शरीर को बुरी तरह क्षत-विक्षत करने के लिए बर्तनों और दूसरी चीज़ों का इस्तेमाल किया।
सोमवार को एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया गया था और उसके शरीर पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे पता चलता है कि उसे अलग-अलग चीज़ों से प्रताड़ित किया गया था। हैलाकांडी के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (ASP) समीर दर्पण बरुआ ने बताया कि तीनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) (16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ रेप) और 103(1) (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, उन पर 'प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस' (POCSO) एक्ट, 2012 की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) भी लगाई गई है।
बरुआ ने कहा, "ये शुरुआती धाराएं हैं जो हमने लगाई हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, हम कुछ और धाराएं भी जोड़ सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा, "हमने कई अन्य लोगों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं और उनसे पूछताछ कर रहे हैं।" पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन घटना की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उन्होंने और जानकारी देने से इनकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "हमने लोगों और सोशल मीडिया यूज़र्स से अपील की है कि वे घटना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जाहिर न करें। हम लोगों की भावनाओं को समझते हैं, लेकिन हमें मामले की संवेदनशीलता को भी समझना होगा।" SSP सिन्हा ने कहा कि हत्या के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन यह पता चला है कि आरोपी पीड़िता को जानते थे और उन्हें उसके घर के बारे में सब कुछ पता था।
उन्होंने कहा, "वे घर के बारे में जानते थे। लड़की और लड़कों के बीच बातचीत हुई थी और हम इसकी आगे जांच कर रहे हैं। हालांकि, हम अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते। हम बस इतना कह सकते हैं कि मामले की गहन जांच चल रही है।" इस घटना के बाद हैलाकांडी और असम के अन्य हिस्सों में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुए।
