असम सरकार का बड़ा धमाका! महिलाओं के खाते में आएंगे 10,000 रुपये, ऐसे उठा सकते हैं फायदा
punjabkesari.in Thursday, Jan 08, 2026 - 12:47 PM (IST)
नेशनल डेस्क : असम सरकार ने राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता अभियान (MMUA) के तहत सहायता राशि बांटनी शुरू कर दी है। इस योजना के जरिए सरकार उन महिलाओं की मदद कर रही है जो अपना छोटा व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में घोषणा की है कि अब तक 15 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 10,000 रुपये की शुरुआती पूंजी भेजी जा चुकी है।
क्या है योजना और किसे मिलेगा लाभ?
सरकार का लक्ष्य राज्य के स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी करीब 40 लाख महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना है। योजना के तीन मुख्य चरण हैं। इसके पहले चरण में ₹10,000 की शुरुआती ग्रांट (वापस नहीं करनी होगी), दूसरे चरण में ₹25,000 की मदद (जिसमें ₹12,500 बैंक लोन और ₹12,500 सरकारी सब्सिडी होगी) और तीसरे चरण में व्यवसाय के सफल होने पर ₹50,000 तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।

पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ विशेष शर्तें रखी गई हैं, जो इसे अन्य योजनाओं से अलग बनाती हैं। सामान्य और OBC वर्ग की महिलाओं के अधिकतम 3 बच्चे होने चाहिए। वहीं, SC/ST और चाय बागान समुदायों के लिए यह सीमा 4 बच्चों की है। यदि महिला की बेटी स्कूल जाने की उम्र की है, तो उसका स्कूल में दाखिला होना अनिवार्य है।'अमृत वृक्ष आंदोलन' के तहत लगाए गए पौधों का जीवित होना भी एक शर्त है।
आवेदन करने का आसान तरीका
1. फॉर्म प्राप्त करें: इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी पंचायत कार्यालय या नगर पालिका बोर्ड से मुफ्त में आवेदन पत्र प्राप्त कर सकती हैं।
2. जरूरी दस्तावेज: आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, SHG सदस्यता का प्रमाण और एक 'संकल्प पत्र' (स्व-घोषणा) देना होगा।
3. जमा करें: भरा हुआ फॉर्म अपने ब्लॉक या पंचायत कार्यालय में जमा करें। सत्यापन के बाद राशि सीधे आधार से लिंक बैंक खाते (DBT) में आ जाएगी।
