ईरान ने ट्रंप को दी सबसे बड़ी धमकी; खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी सैनिकों का इंतजार, घुसे तो बिछा देंगे लाशें

punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 11:31 AM (IST)

International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने वॉशिंगटन को सख्त चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की, तो अमेरिकी सैनिकों के लिए वहां से जिंदा लौटना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ईरान इस तरह की किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। खार्ग आइलैंड फारस की खाड़ी में बुशहर प्रांत के तट से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र है और देश की ऊर्जा आपूर्ति का सबसे अहम आधार माना जाता है। यही वजह है कि इसे ईरान की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्तियों में गिना जाता है।

 

इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन, कुवैत और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं। IRGC का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने खुजेस्तान प्रांत में बन रहे डारखोविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया है। वहीं लगातार हो रहे हमलों और भीषण गर्मी के कारण ईरान के कई शहरों में बिजली संकट गहरा गया है। तेहरान समेत कई इलाकों में रोजाना बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

 

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया कि उसने सात जहाजों का रास्ता बदलवाया और एक जहाज को निष्क्रिय किया, ताकि ईरानी बंदरगाहों तक उसकी पहुंच रोकी जा सके। दूसरी ओर ब्रिटेन की यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि यूएई के फुजैरा पोर्ट के पास एक जहाज पर हमला हुआ, जिससे उसके स्टीयरिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचा। हालांकि सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर किसी अमेरिकी सैनिक की मौत होती है, तो उसका जवाब कई गुना अधिक ताकत से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं।

 

बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने लोगों से फिलहाल ईरान की यात्रा टालने और वहां मौजूद भारतीयों को उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए अस्थायी रूप से देश छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी है। उधर, यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान किया है। रिपोर्टों के अनुसार, बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इससे पूरे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। 


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Content Writer

Tanuja

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