अमेरिका ने अपने सैनिकों की मौत का लिया बदला; ईरान पर किया जबरदस्त पलटवार, शुरू हुई नई एयर स्ट्राइक

punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 11:06 AM (IST)

International Desk:  अमेरिका ने जॉर्डन में अपने सैनिकों की मौत के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज कर दी है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले का तत्काल जवाब देना और ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति बाधित करने की क्षमता को कमजोर करना है। इस कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि हाल ही में जॉर्डन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत, एक सैनिक के लापता होने और चार अन्य के घायल होने के बाद यह सैन्य कार्रवाई की गई है। अमेरिका ने इस हमले के लिए सीधे ईरान के अर्द्धसैनिक संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को जिम्मेदार ठहराया है।

 

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, रविवार तड़के करीब 1:30 बजे दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के सिरिक इलाके को निशाना बनाया गया। यह क्षेत्र होर्मुज जलडमरूमध्य के बेहद करीब स्थित है, जहां से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नुकसान पहुंचाना है, जिनके जरिए वह तेल टैंकरों की आवाजाही को प्रभावित कर सकता है। सेंटकॉम के अनुसार, मौजूदा संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 430 से अधिक सैनिक घायल हुए हैं। हालांकि जॉर्डन में मारे गए दो सैनिकों की पहचान सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं की गई है।

 

अमेरिकी हमलों से कुछ समय पहले ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका हमले जारी रखता है तो उसे ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा। वहीं ईरान के एक वरिष्ठ वार्ताकार ने दावा किया कि तेहरान अब अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करेगा। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासेम मोहम्मद अल-बुदैवी ने नागरिक ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को लेकर ईरान की आलोचना की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।

 

इसी बीच पड़ोसी देश इराक के इरबिल के पास स्थित कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी के एक ठिकाने पर भी ड्रोन हमला किया गया, जिसमें संगठन के आठ सदस्य घायल हो गए। इरबिल में रविवार सुबह लोगों ने कई विस्फोटों और हवाई रक्षा प्रणाली की सक्रियता की आवाजें सुनीं। पिछले चार दिनों में इस इलाके पर कई ड्रोन हमले हो चुके हैं। अब तक किसी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन अतीत में ईरान समर्थित समूह इस क्षेत्र को निशाना बनाते रहे हैं। 
 


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Content Writer

Tanuja

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