एक ही दिन गिरे अमेरिका-रूस के परमाणु बॉम्बर; B-52 हादसे में 8 जांबाजों की मौत, Tu-22M3 के पायलट बाल-बाल बचे
punjabkesari.in Wednesday, Jun 17, 2026 - 12:13 AM (IST)
वॉशिंगटन/मॉस्को: शीत युद्ध के दो सबसे बड़े दुश्मनों, अमेरिका और रूस के लिए सोमवार का दिन "काले सोमवार" के रूप में दर्ज हो गया है। दुनिया को अपनी ताकत दिखाने वाले दो महाकाय रणनीतिक बमवर्षक विमान (Strategic Bombers) एक ही दिन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जहाँ अमेरिका के कैलिफोर्निया में मलबे के साथ मौत का मंजर दिखा, वहीं रूस के साइबेरिया में पायलटों की जान बच जाने से एक बड़ा चमत्कार हुआ है।
All 8 crew DEAD in B-52 bomber crash in routine test flight — CNN
— RT (@RT_com) June 16, 2026
'Indications are crash was not survivable' — officialshttps://t.co/Llhou3fYku pic.twitter.com/DwEmKbAhTb
अमेरिका में 'मौत का तांडव': 8 की गई जान
कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस से सोमवार को उड़ान भरने के तुरंत बाद अमेरिकी वायुसेना का गौरव कहा जाने वाला B-52 स्ट्रेटोफोर्ट्रेस (Stratofortress) बमवर्षक विमान रनवे पर ही आग के गोले में तब्दील हो गया। एयर फोर्स कर्नल जेम्स हेस के अनुसार, इस भीषण हादसे में विमान में सवार सभी 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मरने वालों में सैन्य कर्मियों के साथ-साथ बोइंग कंपनी के कर्मचारी और सरकारी ठेकेदार भी शामिल थे। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि आसमान में कई मील दूर तक काला धुआं देखा गया और फुटबॉल मैदान से भी बड़े इलाके में विमान का जलता हुआ मलबा फैल गया।
SHOCKING COINCIDENCE: On June 15, 2026, TWO strategic bombers crashed on the SAME DAY — first Russia's Tu-22M3 in Siberia (4 pilots survived), then US B-52 in California (8 crew died) ❄️🇺🇸
— RB. (@KailashVashi) June 16, 2026
Both Cold War-era aircraft. Both gone in one day. pic.twitter.com/rxZ01MztPX
रूस में 'चमत्कार': मौत को मात देकर लौटे जांबाज
दूसरी तरफ, रूस के साइबेरियाई क्षेत्र इरकुत्स्क में रूस का शक्तिशाली Tu-22M3 बमवर्षक विमान एक प्रशिक्षण उड़ान के दौरान क्रैश हो गया। हालांकि, यहाँ एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विमान के पायलट समय रहते 'इजेक्ट' करने में सफल रहे और उनकी जान बच गई। विमान घने जंगलों में गिरा, जिससे जमीन पर किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में विमान को नाक के बल गिरते और धुएं का गुबार उठते हुए देखा जा सकता है।
परमाणु हमले में सक्षम हैं ये 'आसमान के शिकारी'
ये दोनों ही विमान शीत युद्ध के समय के हैं और दशकों से अपनी-अपनी सेना की रीढ़ बने हुए हैं।
- B-52: यह विमान 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है और अपने साथ 70,000 पाउंड से अधिक वजन के परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम है।
- Tu-22M3: रूस का यह सुपरसोनिक विमान हाइपरसोनिक 'किंजल' (Kinzhal) मिसाइलें दागने की ताकत रखता है और सीरिया व यूक्रेन के युद्ध में इस्तेमाल हो चुका है।
जांच के घेरे में 'महा-दुर्घटना'
विशालकाय बमवर्षकों के एक ही दिन क्रैश होने की इस घटना ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि शीत युद्ध के बाद नए विमानों के विकास में देरी होने के कारण अमेरिका और रूस आज भी इन्हीं पुराने मॉडलों पर निर्भर हैं। फिलहाल दोनों देशों ने हादसों की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
