ईरान युद्ध के बीच अमेरिका का बड़ा फैसला, इज़राइल को 12000 घातक बम बेचने की मंजूरी
punjabkesari.in Saturday, Mar 07, 2026 - 01:14 PM (IST)
International Desk: मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच United States ने Israel को बड़े पैमाने पर हथियार देने का फैसला किया है।अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि इज़राइल को 12,000 हवाई बम और उनसे जुड़ी सैन्य सहायता बेचने की संभावित फॉरेन मिलिट्री सेल (FMS) को मंजूरी दे दी गई है। इस सौदे की कुल कीमत लगभग 151.8 मिलियन डॉलर बताई गई है।
🇺🇸🇮🇱|•| United States Department of State:
— WashingtonAmerica.Net (@WADailyNews) March 7, 2026
Washington has approved the sale of 12,000 BLU-110A/B 1,000-pound general-purpose bomb bodies worth $151.8 million to Israel.
“The Israeli government has requested to purchase 12,000 BLU-110A/B 1000-pound general-purpose bomb bodies,”… pic.twitter.com/Zu0l0rXIcR
अमेरिकी बयान के अनुसार इज़राइल ने 12,000 BLU-110A/B जनरल पर्पस बम बॉडी खरीदने का अनुरोध किया था। ये 1,000 पाउंड (करीब 450 किलोग्राम) वजन वाले शक्तिशाली हवाई बम हैं, जिन्हें लड़ाकू विमानों से गिराया जाता है और बड़े सैन्य लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि मौजूदा हालात “आपात स्थिति” हैं, इसलिए इस सौदे को तुरंत मंजूरी दी गई है। इसके कारण Arms Export Control Act के तहत होने वाली सामान्य कांग्रेस समीक्षा प्रक्रिया को भी दरकिनार कर दिया गया।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार यह सौदा इज़राइल की रक्षा क्षमता मजबूत करेगा। वर्तमान और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद करेगा। क्षेत्रीय दुश्मनों के खिलाफ निवारक प्रभाव (deterrence) पैदा करेगा। इस सैन्य पैकेज में केवल बम ही नहीं बल्कि इंजीनियरिंग सहायता, लॉजिस्टिक और तकनीकी समर्थन, कार्यक्रम संचालन से जुड़ी सेवाएं भी शामिल हैं। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब Iran, अमेरिका और इज़राइल के बीच संघर्ष लगातार तेज हो रहा है। 28 फरवरी को तेहरान पर हुए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei, कई सैन्य कमांडर और सैकड़ों नागरिक मारे गए थे।
इसके बाद ईरान ने इज़राइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अब युद्ध आठवें दिन में प्रवेश कर चुका है और लगातार नए हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकट पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ईरान से कोई समझौता नहीं होगा जब तक वह “बिना शर्त आत्मसमर्पण” नहीं करता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसके बाद ईरान को ऐसा नया नेतृत्व चुनना चाहिए जो अमेरिकी प्रशासन को स्वीकार्य हो।
