यूक्रेन ने रूस की एक और तेल रिफाइनरी को बनाया निशाना, पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन संकट की बात
punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 02:07 PM (IST)
International Desk: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे पर अपने लंबी दूरी के ड्रोन हमले और तेज कर दिए हैं। रविवार को दक्षिणी रूस की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई। इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि देश में ईंधन की "कुछ कमी" पैदा हो गई है। रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यान्स्क-ना-कुबानी स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में यूक्रेनी ड्रोन के मलबे से आग लग गई। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई व एक अन्य घायल हो गया। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया कि यारोस्लाव क्षेत्र की एक अन्य तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया, हालांकि रूस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
⚡️“Our soldiers marked Constitution Day very aptly: two refineries were hit at once — the Slavyansky refinery in Russia’s Krasnodar region, 300 km from the front line, and another refinery in Russia’s Yaroslavl region, 700 km from Ukraine,” President Volodymyr Zelenskyy said. pic.twitter.com/1OK7OFh6bg
— GMan | GMan’s Chronicle (@FAB87F) June 28, 2026
रूस में ईंधन आपूर्ति की समीक्षा के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि देश फिलहाल "कठिन दौर" से गुजर रहा है और कुछ क्षेत्रों में ईंधन की अस्थायी कमी आई है। उन्होंने कहा कि तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और मजबूत की जाएगी। क्षतिग्रस्त रिफाइनरियों की मुरम्मत तेज होगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ईंधन आयात किया जाएगा तथा वायु रक्षा प्रणाली का उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा। हालांकि पुतिन ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन के हमलों से रूस के सैन्य अभियान पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि लंबी दूरी के ड्रोन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "रूस की हर तेल रिफाइनरी पर सफल हमला उसकी युद्ध क्षमता को कम करता है और शांति की दिशा में एक और कदम है।"यूक्रेनी हमलों के बाद रूस के कई क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी, पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, और ईंधन वितरण पर सीमाएं (कोटा)लागू किए जाने की खबरें सामने आई हैं। पश्चिमी रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ऊर्जा ढांचे पर लगातार हमले रूस की सैन्य आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स पर दबाव बढ़ा सकते हैं। हालांकि इस आकलन की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
रविवार को दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। यूक्रेन के अनुसार रूस ने 142 ड्रोन और 8 मिसाइलों से हमला किया।अधिकांश ड्रोन और मिसाइलों को यूक्रेनी वायुसेना ने मार गिराया। रूस के अनुसार उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 213 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए। इसके अलावा,यूक्रेन के जापोरिजिया में रूसी हमले में 2 लोगों की मौत और 16 घायल हुए। रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले में 1 व्यक्ति की मौत और 1 घायल हुआ। युद्ध के तीसरे वर्ष में दोनों देशों के बीच ऊर्जा ढांचे पर हमले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे संघर्ष का आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव भी गहरा होता जा रहा है।
