ब्रिटेन में ऐतिहासिक कानून पासः 2009 से जन्मे लोगों के लिए सिगरेट हमेशा के लिए बैन ! हर साल बढ़ेगी उम्र सीमा
punjabkesari.in Wednesday, Apr 22, 2026 - 05:36 PM (IST)
London: ब्रिटेन ने धूम्रपान को लेकर एक ऐतिहासिक और बहुत सख्त कानून पास कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इस कानून का मकसद आने वाली पीढ़ी को पूरी तरह धूम्रपान से दूर करना है। इस योजना को “स्मोक-फ्री जनरेशन” कहा जा रहा है। इस नए कानून के अनुसार, जो लोग 1 जनवरी 2009 या उसके बाद पैदा हुए हैं, वे अपनी पूरी जिंदगी में कभी भी सिगरेट या कोई भी तंबाकू उत्पाद कानूनी तौर पर नहीं खरीद पाएंगे। जो लोग अभी सिगरेट खरीद सकते हैं, उनके लिए नियम नहीं बदलेंगे, लेकिन नई पीढ़ी के लिए रास्ता हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। यह कानून Tobacco and Vapes Bill के तहत लाया गया है। इसे लागू करने का तरीका भी अलग है। इसमें अचानक बैन नहीं लगाया गया, बल्कि हर साल सिगरेट खरीदने की उम्र बढ़ती जाएगी।
इसका मतलब है कि धीरे-धीरे समाज में नए स्मोकर्स बनना बंद हो जाएंगे और समय के साथ धूम्रपान खत्म हो सकता है। इस बिल को पास होने में काफी समय लगा। इसे सबसे पहले 2024 में पेश किया गया था और संसद के दोनों सदनों से मंजूरी मिलने के बाद अब यह अंतिम चरण में है। जल्द ही “रॉयल असेंट” मिलने के बाद यह पूरी तरह कानून बन जाएगा। इस कानून को लागू करने की शुरुआत 2027 से होगी। सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए जरूरी है क्योंकि धूम्रपान ब्रिटेन में सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हर साल हजारों लोगों की मौत सिगरेट से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है और लाखों लोग अस्पताल पहुंचते हैं। इससे देश की स्वास्थ्य सेवा पर भी भारी बोझ पड़ता है।इस कानून में सिर्फ सिगरेट ही नहीं, बल्कि वेपिंग (e-cigarettes) पर भी सख्ती की गई है। बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए वेप के विज्ञापन, फ्लेवर और पैकेजिंग पर कड़े नियम लागू किए जाएंगे, ताकि वे इनकी ओर आकर्षित न हों।
इसके अलावा, स्कूलों, पार्कों और अस्पतालों के आसपास “नो स्मोकिंग” और “नो वेपिंग” जोन बनाए जाएंगे। सरकार को तंबाकू उत्पादों की बिक्री और लाइसेंसिंग पर ज्यादा नियंत्रण दिया जाएगा। इस पूरे कानून का फोकस आम लोगों को सजा देना नहीं है, बल्कि दुकानदारों और सप्लायर्स पर है। अगर वे नियम तोड़कर नाबालिगों को तंबाकू बेचते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। कुल मिलाकर, यह कानून धीरे-धीरे धूम्रपान को खत्म करने की एक लंबी योजना है। इसका उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ी कभी इस लत में न फंसे और भविष्य में कैंसर, दिल और फेफड़ों की बीमारियों में कमी आए। यह मॉडल दुनिया के अन्य देशों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
