ईरान पर हमलों के बाद ट्रंप का ऐलानः ''अब समझौते में कोई दिलचस्पी नहीं'', होर्मुज पर अमेरिका का फुल कंट्रोल''
punjabkesari.in Wednesday, Sep 02, 2026 - 01:39 PM (IST)
Washington: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। ईरान के कई इलाकों में अमेरिकी हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सेना का लगभग पूरा नियंत्रण हो चुका है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह कमजोर हो गई है और उन्हें तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस लाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।ट्रंप ने उन खबरों को खारिज किया, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को दोबारा बातचीत के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका बेहद मजबूत स्थिति में है और इसलिए ईरान के साथ किसी समझौते के लिए दबाव बनाने की उनकी कोई जरूरत नहीं है।
ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी सेना का लगभग नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ईरान की जनता से भी मौजूदा इस्लामी शासन के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने सवाल किया कि ईरान के लोग कब उठ खड़े होंगे और अपने देश की सत्ता के खिलाफ लड़ेंगे। उन्होंने मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरानी सत्ता पर भी निशाना साधा और कहा कि ईरान जिस स्थिति में पहुंच गया है, वह उसके मौजूदा शासन की वजह से है।
होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का सबसे संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की सैन्य तनातनी का सीधा असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि अमेरिकी सेना ने इस रणनीतिक जलमार्ग पर अपना प्रभाव बढ़ा लिया है। हालांकि ईरान अमेरिकी नियंत्रण के दावे को खारिज करता रहा है और क्षेत्र में अपने अधिकार तथा निगरानी को बरकरार रखने की बात कहता है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था। हालिया घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों को निशाना बनाया। इससे दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया है।
